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Sirsa News: लगातार चौथी ग्राम सभा भी हो गई रद्द, नहीं पूरा हुआ कोराम

Fri, 06 Feb 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सरपंच ने कहा- ग्राम सभा में भीड़ नहीं तो विकास नहीं, पांच करोड़ और तहसील का सपना अगली ग्रामसभा से जोड़ा
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फोटो- 20,21
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। गांव रोड़ी स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में सोमवार सुबह 11 बजे आयोजित की गई ग्रामसभा एक बार फिर कोरम पूरा न होने के कारण रद्द कर दी गई। यह चौथी बार है, जब ग्रामसभा निर्धारित समय पर आवश्यक उपस्थिति पूरी न होने के कारण नहीं हो सकी।
नियमानुसार ग्रामसभा की बैठक में गांव के कुल मतदाताओं के कम से कम 20 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति अनिवार्य होती है, लेकिन निर्धारित समय तक यह संख्या पूरी नहीं हो पाई। इससे पहले बीते सोमवार को आयोजित तीसरी ग्रामसभा भी इसी कारण रद्द करनी पड़ी थी।
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ग्राम सभा में ग्रामीणों के नहीं पहुंचने से नाराज सरपंच दर्शन सिंह ने कहा कि ग्राम सभा में भीड़ नहीं तो विकास भी नहीं होगा। विकास तभी होगा जब कोरम पूरा होगा। भले ही ग्रांट चाहे वापस सरकार को चली जाए। सरपंच दर्शन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत गांव के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत पांच करोड़ रुपये तभी खर्च किए जाएंगे, जब अगली ग्रामसभा में ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि रोड़ी में तहसील बनाए जाने को लेकर दो बार फाइल आ चुकी है। उस प्रस्ताव को भी अगली ग्रामसभा में मत करवा कर पारित किया जाएगा।
सरपंच के इस बयान पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें हर बार किसी न किसी बहाने से ग्रामसभा में बुलाया जाता है, लेकिन उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दूसरी ग्रामसभा में फैमिली आईडी, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत मकानों की छत की किस्त जारी न होने जैसे मुद्दों को लेकर बुलाया गया था। लेकिन बाद में न तो इन समस्याओं का समाधान हुआ और न ही ग्रामसभा की समुचित जानकारी दी गई।
1500 लोगों की उपस्थिति अपेक्षित
ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा के लिए लगभग 1500 लोगों की उपस्थिति अपेक्षित थी, जबकि मौके पर केवल 400 कुर्सियां और 10 दरियां ही लगाई गई थीं। जो इतने लोगों के लिए नाकाफी थी। वास्तविक स्थिति यह रही कि ग्रामसभा में लगभग 400 ग्रामीण ही पहुंचे। बैठक में पंचायत सचिव, सरपंच, सीपीएलओ और पंच मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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ग्राम सभा के प्रति टूट रहा है विश्वास
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार ग्रामसभा रद्द होने से लोगों का विश्वास टूट रहा है। यदि प्रशासन और पंचायत वास्तव में जनभागीदारी चाहते हैं, तो पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए और घोषणाओं के बजाय समस्याओं का ठोस समाधान किया जाए, ताकि ग्रामसभा केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि वास्तव में जनहित का प्रभावी मंच बन सके। ग्रामसभा का मुख्य उद्देश्य फैमिली आईडी से संबंधित समस्याओं, लाडो लक्ष्मी योजना, विधवा पेंशन और बुढ़ापा पेंशन से जुड़े दावे एवं आपत्तियां लेनी थी। इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन ग्रामसभा में न तो अपेक्षित सहभागिता देखने को मिली और न ही व्यवस्थाएं संतोषजनक नजर आईं।
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