रोड़ी में पूर्व विधायक से सवाल-जवाब करते किसान।
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रोड़ी। कालांवाली हलका के पूर्व विधायक बलकौर सिंह को रोड़ी में किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसानों ने जब सवाल दागते हुए जवाब मांगा तो पूर्व विधायक चुप्पी साधकर इधर-उधर की बातें करते नजर आए। इसी बीच रोड़ी निवासी एक व्यक्ति के कुछ कहने के बाद किसान भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में माफी मांगने के बाद माहौल शांत हुआ।
दरअसल पूर्व विधायक बलकौर सिंह रोड़ी में सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। सूचना पाकर किसान नेता अरविंदर जोहल के नेतृत्व में काफी किसान मौके पर पहुंच गए। जब विधायक बाहर निकलने लगे तो किसानों ने उन्हें रोक लिया और उनसे 5 सवालों के जवाब मांगे। किसानों के सवालों पर पूर्व विधायक चुप्पी साधकर इधर-उधर की बातें करते हुए कोई जवाब नहीं दे पाए। किसान नेता जोहल ने पूर्व विधायक से कहा कि कुछ समय पूर्व आप मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के साथ आए थे तो उक्त वक्त भी हमने सवाल किए थे। लेकिन न ही तो मंत्री जी ने और न ही आपने कोई जवाब दिया। इस बात पर बलकौर सिंह ने कहा कि वे तो मंत्री जी से काफी छोटे है। इस दौरान मौके पर मौजूद थाना प्रभारी ने किसानों को समझाना चाहा, लेकिन किसानों ने कहा कि वे न ही तो यहां पर कोई रोष प्रदर्शन करने आए है और न ही कोई घेराव। वे सिर्फ अपने सवालों का जवाब चाहते है। किसान नेता अरविंदर जोहल जब पूर्व विधायक से बात कर रहे थे तो इसी दौरान विधायक के साथ मौजूद रोड़ी निवासी एक व्यक्ति द्वारा कुछ कह देने से माहौल गर्मा गया। जिसके बाद किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच बलकौर सिंह वहां से निकल गए। वहीं सभी किसान रोड़ी थाना में पहुंच गए और रोष व्यक्त करते हुए मौके पर शब्दावली का प्रयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। काफी देर तक रोष प्रदर्शन उपरांत पुलिस ने उक्त व्यक्ति को मौके पर बुलाया। उक्त व्यक्ति ने किसानों से माफी मांगी जिसके बाद माहौल शांत हुआ। किसान नेता अरविंदर जोहल ने बताया कि उन्होंने पूर्व विधायक का न ही तो विरोध किया और न ही घेराव। उन्होंने वही 5 सवालों का जवाब मांगा था जो सवाल उन्होंने कुछ दिन पूर्व रोड़ी में विद्युत मंत्री रणजीत सिंह से किए थे। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह जेलदार, गुरविंदर सिंह, कश्मीर सिंह, रणजीत सिंह, चंदू सिंह, कुलदीप सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
किसानों ने दागे ये सवाल
- गुलाबी सुंडी का उन्हें आज तक मुआवजा क्यों नहीं मिला।
- नहरों में पहले 15 दिन पानी आता था वो अब एक सप्ताह ही क्यों आता है।
- खुले में घूम रहे बेसहारा पशुओं की वजह से किसानों की न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं बल्कि लोगों की जानें भी जा रही हैं।
- वर्ष 2019-20 का मुआवजा क्यों नहीं मिला।
- जब कोरोना काल में शराब ठेके खुले हैं तो स्कूल क्यों बंद है।
- किसानों ने चिट्टा बिकने का भी मुद्दा उठाया।