नगर परिषद के चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर सोमवार को भाजपा और हलोपा गठबंधन ने विधायक गोपाल कांडा के निवास पर चेयरपर्सन के लिए पार्षद सुमन शर्मा का नाम तय कर लिया। वह वार्ड नंबर पांच की पार्षद हैं। भाजपा पार्षदों की सहमति के लिए देर रात तक भाजपा की बैठक रेस्ट हाउस में चली। दूसरी ओर सेतिया गुट के पार्षदों ने भी कांग्रेस के कुछ पार्षदों, निर्दलीयों के साथ गठबंधन किया। हालांकि इस चुनाव को लेकर कांग्रेस बंटी नजर आ रही है। ऐसे में अब शहर की चेयरपर्सन के लिए मतदान लगभग तय है। वोटिंग मंगलवार सुबह 11 बजे हो सकती है।
सुबह पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में करनाल के सांसद संजय भाटिया, सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल ने जिला प्रभारी श्रीनिवास गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, पूर्व चेयरमैन शीशपाल कंबोज, डा. वैद बैनीवाल, प्रदीप रातुसरिया के साथ बैठक की। बैठक में वार्ड नंबर पांच की पार्षद सुमन शर्मा के नाम पर सहमति बनी। इसके बाद हलोपा विधायक गोपाल कांडा व गोबिंद कांडा भी रेस्ट हाउस पहुंचे। दोनों नेताओं ने भाजपा पदाधिकारियों के साथ फैसला किया और सुमन शर्मा के नाम पर सहमति दी। शाम को विधायक गोपाल कांडा के निवास पर हलोपा व कांग्रेस समर्थित कुछ पार्षदों की मीटिंग हुई, जिसमें सुमन शर्मा के नाम पर सहमति बनी। इस बैठक में कांग्रेस के कुछ पार्षद भी थे। दूसरी ओर भाजपा अपने पार्षदों की देर रात तक नब्ज टटोलती रही। शाम से भाजपा पार्षदों को एक के बाद एक करके बुलाती रही।
कांग्रेस और गोकुल सेतिया गुट का नया समीकरण
वहीं भाजपा के हलोपा के साथ हाथ मिलाने के बाद कांग्रेसी पार्षद व गोकुल सेतिया गुट के पार्षदों की मीटिंग कांग्रेस के महासचिव नवीन केडिया के निवास स्थान पर हुई। इसमें चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई। कांग्रेस की वार्ड 22 की पार्षद बलजीत कौर के चुनाव मैदान में उतरने के पूरे आसार हैं। इसे गोकुल सेतिया गुट के करीब आठ पार्षदों का समर्थन हासिल है। कुछ निर्दलीय पार्षदों का भी इनको समर्थन हासिल है। ऐसे में चुनाव होना तय है। कांग्रेस महासचिव नवीन केडिया ने कहा कि भाजपा-हलोपा के गठबंधन के बाद कांग्रेसी पार्षद गोकुल सेतिया गुट के पार्षदों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा। वे डटकर मुकाबला करेंगे।
ये है मामला
बता दें कि एक अगस्त 2018 को बीजेपी चेयरपर्सन शीला सहगल को बीजेपी के नौ पार्षदों सहित कुल 22 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पास करके चेयरपर्सन की कुर्सी से हटा दिया था। शीला सहगल गोकुल सेतिया गुट की थी। अब भाजपा अपने नौ पार्षदों से किसी एक को चेयरपर्सन बनाना चाहती है, लेकिन इसके लिए उसे कम से कम 16 पार्षदों का बहुमत चाहिए। एक पार्षद की मौत के बाद अब कुल 30 पार्षद हैं। यदि एमपी और एमएलए वोट डालते हैं तो कुल 32 में से 17 वोट चेयरपर्सन के लिए जरूरी है।
क्रॉस वोटिंग का सबको डर
भाजपा के पास नौ पार्षदों व एक एमपी सहित दस वोट हैं, जबकि हलोपा के पास पांच पार्षद सहित विधायक गोपाल कांडा का वोट है। दोनों ही पक्षों को क्रॉस वोटिंग का भी डर है, क्योंकि पिछली बार हलोपा की रीना सेठी चेयरपर्सन के पद के लिए एक वोट से हार गई थीं। दूसरी ओर कांग्रेस के पास अपने करीब चार पार्षद हैं, उन्हें भी अपने कुछ पार्षदों के क्रॉस वोटिंग का भय है। हालांकि सिरसा नगर परिषद के उप प्रधान के पद पर रणधीर सिंह कांग्रेस समर्थित है। इस पद के लिए उन्हें हलोपा पार्षदों के साथ साथ निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन हासिल है।