सुबह-सवेरे मंगलवार को घनी धुंध से वाहनों की रफ्तार धीमी रही। लगातार चौथे दिन धुंध के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे जीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम के जानकारों के अनुसार अब पारा और नीचे जाने की संभावना है। कामकाजी लोगों को सुबह-सवेरे धुंध और कड़ाके की ठंड में ही घरों से निकलना पड़ा।
धुंध के कारण सुबह रवाना होने वाली बसें और ट्रेनें अपने गंतव्य स्थानों पर देरी से पहुंची। धुंध के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। साढे़ 10 बजे तक धुंध छाई रही। अब धुंध और ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है, जबकि किसान इस धुंध को लेकर खुश दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि धुंध और ठंड फसलों के लिए रामबाण है।
कड़के की ठंड लावारिस पशुओं के लिए आफत बनने लगी है। मध्य रात्रि के बाद चलने वाली बसें और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक से दो घंटे की देरी से गंतव्य स्थानों तक पहुंची। किसान, हरियाणा, बठिंड-रेवाड़ी सहित कई ट्रेनें भी लेट हो गईं।
कामकाजी लोगों को घनी धुंध में ही घरों से निकलना पड़ रहा है तो बुजुर्ग लोग दोपहर तक रजाई में ही दुबके रहते हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इस प्रकार का मौसम फसलों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। रोडवेज विभाग ने चालकों को सावधानी बरसने के निर्देश दिए हैं। बसों के आगे फॉग लाइट लगाई गई हैं, ताकि धुंध में हादसों की संभावना कम हो सके। इसी प्रकार यातायात पुलिस भी एक्सीडेंट प्रोन एरिया में मोर्चा संभाले हुए हैं।