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ठंड और धुंध ने किया परेशान, अगले दो दिन बूंदाबांदी की संभावना

Thu, 05 Jan 2017 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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कोहरा - फोटो : bureau
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बढ़ती ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के साथ ही कोहरे ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। वीरवार को लगभग पूरे दिन हर तरफ धुंध पसरी रही, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। रेलवे की बात करें तो अधिकतर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चलीं, जिसके कारण यात्री घंटों तक परेशान रहे।
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इसके अलावा अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड के कारण ज्यादातर लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। सुबह से ही सरसाई नगरी को धुंध ने अपने आगोश में लिए रखा। दोपहर के समय सूर्यदेव ने हल्की सी रोशनी बिखेरी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद फिर से कोहरे ने सूरज को फिर से अपने आगोश में छिपा लिया।

उसके बाद शाम तक धीरे-धीरे धुंध बढ़ती चली गई। धुंध के कारण दृश्यता 200 मीटर से घटकर 170 पर आ गई। सड़क पर दुपहिया वाहन चालक भी काफी कम संख्या में नजर आए। जो थोड़े-बहुत दुपहिया वाहन चालक घर से निकले, वह भी ठंड, कोहरे और शीत लहर से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लिए हुए थे।
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सेहत पर पड़ रहा है ठंड का असर
दिसंबर बीत चुका है, लेकिन बादल साफ नहीं होने से ठंड बढ़ती जा रही है। इसके कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। सर्दी, उल्टी, सिरदर्द, आंख से पानी आना, बुखार, शरीर में दर्द तो आम बात हो गई है। सर्दियों में दिन छोटा होता है, इससे बॉडी में हॉर्मोंस का तालमेल बिगड़ जाता है। धूप न मिलने के कारण बॉडी में विटामिन-डी की कमी भी हो जाती है।

यह बोले चिकित्सक
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर विरेश भूषण का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव होने से मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। ठंड में इससे ज्यादा परेशानी बच्चे और बूढ़ों को होती है। बच्चों में निमोनिया की शिकायत आमतौर पर देखी जाती है। इसके अलावा सर्दी, खांसी, ब्लड-प्रेशर बढ़ना-घटना जैसी आम समस्या भी होने लगती हैं।

ठंड का असर छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। निमोनिया, उल्टी-दस्त के कारण बच्चे परेशान हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीएस सोमानी का कहना कि ठंड में बच्चों में ज्यादा वायरल फैलता है। सबसे ज्यादा असर पेट और फेफड़े में होता है। ठंड लगने से बच्चे सर्दी, खांसी, पतला पैखाना, उल्टी, बुखार आदि से पीड़ित हो जाते हैं।

इसी प्रकार फेफड़े में ठंड लगने से ब्रोनकोलाइटिस और निमोनिया से बच्चे पीड़ित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अचानक ठंड बढ़ने से खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखें। हर समय गरम कपड़े पहनाएं। मां का दूध पिलाते रहें। ओआरएस घोल भी देते रहें। ठंड से बचने के लिए बच्चों को गर्म पानी का भाप भी समय-समय पर देते रहें।

बूंदाबांदी की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का कहना कि अगले दिन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। वीरवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। अगले दो दिन अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। हल्की बूंदाबांदी हुई तो धुंध छट सकती है नहीं तो धुंध भी रहेगी।

गेहूं के लिए बेहद लाभकारी
कृषि विशेषज्ञ डॉ. बाबू लाल ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। किसान मौसम के मद्देनजर ही खेतों में पानी छोड़ें और मौसम विभाग की आकाशवाणी पर ध्यान रखें।
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