चोपटा। क्षेत्र में वीरवार को पांच घंटे तक चली बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। बारिश से नरमा, धान, मूंग, ग्वार की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसी के साथ कई गांवों और स्कूलों में जलभराव हुआ है। वहीं, मकानों में दरार आनी शुरू हो गई है। हिसार घग्घर ड्रेन चोपटा में वीरवार को ओवरफ्लो हो गई। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सेमनाले में कटाव होने से रोक दिया। इसके बाद मनरेगा के मजदूरों ने मिट्टी के बैग लगाकर मजबूत कर दिया। वहीं ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी डालने का कार्य किया जा रहा है। सेमनाले के ओवरफ्लो की सूचना मिलने पर बीडीपीओ डाॅ. स्टालिन सिद्धार्थ सचदेवा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गांव की सरपंच रीटा कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, रविंद्र कासनियां, जयप्रकाश, भाल सिंह ने बताया कि बारिश ज्यादा होने व सेमनाले में पानी का बहाव ज्यादा होने से ओवरफ्लो हो गया। इसे मौके पर काबू कर लिया। अगर थोड़ी देर हो जाती तो चोपटा व नाथूसरी कलां गांव डूब जाता। वहीं, क्षेत्र के कई गांवों की में जलभराव हुआ है और दो से तीन फीट पानी भर गया है।
शक्करमंदोरी व दड़बा कलां के स्कूलों में भरा पानी
गांव शक्कर मंदोरी के राजकीय मिडल स्कूल व दड़बा कलां के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जलभराव हो गया। हालांकि, स्कूलों में जलभराव होने पर विद्यार्थियों को वापस घरों में भेज दिया गया। भारी बारिश होने पर जिला प्रशासन ने स्कूलों में दो दिनों का अवकाश भी घोषित कर दिया है।
ड्रेन से इन गांवों में खतरा
हिसार घग्घर ड्रेन में लगातार पानी का स्तर बढ़ रहा है। इसके टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे गांव दड़बा कलां, मानक दिवान, माखोसरानी, नाथूसरी कलां, चोपटा, शक्कर मंदोरी, तरकांवाली, शाहपुरिया, गंजा रूपाना, लुदेसर, रूपाना खुर्द, गुडियाखेड़ा, बकरियांवाली समेत अनेक गांवों में खतरा बना हुआ है।
इन गांवों में हुआ जलभराव
बारिश से चोपटा क्षेत्र के गांव लुदेसर, दड़बा कलां, मानकदिवान, शक्करमंदोरी, माखोसरानी, चोपटा समेत अन्य गांवों में जलभराव हो गया। गांव लुदेसर में बना शहीदी स्मारक भी पानी में डूब गया।
चोपटा। गांवों में हुआ जलभराव। संवाद