सिरसा में मतदान केंद्र पर जानकारी देते पंडित सीताराम शर्मा।
सिरसा। सिरसा लोकसभा चुनाव के लिए मतदान करने गए 95 वर्षीय सीताराम को मृत दिखा दिया। जब बहस हुई तो बाद में मतदान कर्मियों ने उनको अनुपस्थित दिखा दिया। इससे गुस्साए पंडित सीताराम बूथ पर ही नीचे बैठ गए। बाद में पार्टी एजेंटों के कहने पर उनका मतदान करवाया गया।
शहर के 95 वर्षीय पंडित सीताराम शनिवार को अपना वोट देने के लिए अग्रसेन स्कूल स्थित बूथ नंबर-69 पर गए थे। जब वह केंद्र के अंदर पहुंचे तो उनको लिस्ट में मृत बता दिया गया। जब उनके बेटे व्यापार मंडल के जिला प्रधान हीरालाल शर्मा ने इस संबंध में कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने लिस्ट में से मृत हटाकर अनुपस्थित दिखा दिया, जबकि वे स्वयं बूथ पर वोट डालने के लिए खड़े थे। जब कर्मचारियों ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे बूथ पर ही नीचे बैठ गए।
बूथ पर वोट डालने के लिए पहुंचे 95 वर्षीय पंडित सीताराम ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बीएलओ उनके घर वोट डलवाने के लिए आए थे, लेकिन उन्होंने कोई फार्म नहीं भरा और न हस्ताक्षर करवाए। जिस पर उन्होंने कहा कि वो अपना वोट बूथ पर जाकर डालकर आएंगे। शनिवार को मतदान के दिन सुबह करीब 10.30 बजे वे अग्रसेन स्कूल में बने बूथ नंबर 69 पर वोट डालने के लिए गए थे। जब कर्मचारियों ने अपनी लिस्ट देखी तो पहले तो उन्हें मृत दिखा रखा था। इस पर उन्होंने कहा कि वे सलामत उनके सामने खड़े हैं। जिसपर कर्मचारियों ने मृत को काटकर लिस्ट में उनके नाम के आगे अनुपस्थित लिख दिया और वोट नहीं डालने दिया।
इसके बाद संबंधित बीएलओ से बात की तो उन्होंने भी कहा कि ये वोट डाल सकते हैं, लेकिन ड्यूटीरत अधिकारी ने वोट नहीं डालने दिया। इसके बाद पंडित सीताराम बूथ पर ही धरनारत हो नीचे बैठ गए। इसके बाद बूथ के बाहर बैठे राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट के कहने पर उन्हें अपने मत का प्रयोग करने दिया गया। पंडित सीताराम शर्मा ने बताया कि एक ओर चुनाव आयोग शत प्रतिशत मतदान करना चाहता है और दूसरी ओर कर्मचारी आयोग के इस अभियान को पलीता लगा रहे हैं।