सिरसा के पास नेशनल हाईवे पर जलता सफेदे का पेड़ व झाड़ियां।
सिरसा। सिरसा के पास हाईवे पर किसानों द्वारा गेहूं के फानों में लगाई जा रही आग अब सड़क किनारे पेड़ों तक पहुंच रही है। बुधवार को भी सिरसा के दिल्ली पुल के पास खेतों में लगाई गई आग पेड़ों तक पहुंच गई जिससे सफेदे के आठ पेड़ व झाड़ियां आग की चपेट में आ गए। सफेदे के पेड़ों की जड़ाें तक आग पहुंच गई। जिससे पेड़ों के गिरने का डर बना रहा।
आग लगाने पर 40 किसानों को अब तक एक लाख रुपये का जुर्माना किया जा चुका है। वन विभाग के अनुसार अब तक खेतों में गेहूं के फानों में लगाई आग के कारण वन विभाग के 80 पेड़ चपेट में आ चुके हैं। बता दें कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार वाहनों की आवाजाही होती है और पेड़ों में लग रही आग से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यही नहीं यहां पर झाड़ियां भी जल रही थी, जिनसे हवा के झौंकों के साथ जले हुए पतंगे किसी भी वाहन को हादसाग्रस्त कर सकते हैं। हाईवे पर लग रही आग की ओर न तो पुलिस, न ही प्रशासन और न ही संबंधित कृषि विभाग का ध्यान है।
हादसों को न्योता दे रही है हाईवे के साथ लगी आग
रात के समय और दिन में भी गेहूं के फानों में किसान आग लगा रहे हैं। खेतों में लगाई आग का धुआं सड़क पर आ जाता है और वाहन चालक को सामने आने वाले अन्य वाहनों का पता नहीं चल पाता जिससे हादसा हो सकता है।
हमारे पास अब तक हरसेक से 180 लोकेशन प्राप्त हुई हैं। इनमें से 40 लोकेशन सही पाई गई हैं, बाकी फेक निकली। 40 किसानों को अब तक एक लाख रुपये का जुर्माना किया जा चुका है। किसानों को इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
डॉ. सुखदेव कंबोज, कृषि उपनिदेशक सिरसा।
कोट्स
किसानों के द्वारा आग लगाए जाने से पेड़ों को भी नुकसान हो रहा है। कई पेड़ जल भी चुके हैं, जिनकी रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। इस मामले में किसानों को नोटिस दिया जाएगा।
सतीश कुमार, जिला वन अधिकारी। सिरसा