फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां पहुंची मौके पर, आग बुझाने में रही कामयाब
- डाकघर के पास एक ओर का रास्ता पूरी तरह से कचरे से हो चुका है बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दो सप्ताह से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। शहर में गलियों व सड़कों पर झाडू नहीं लगी है। इतना ही नहीं, घर-घर कूड़ा उठाने और स्वच्छता का संदेश देने वाली गाड़ियां भी बंद पड़ी हैं। इसी का परिणाम है कि अब शहर में जगह जगह पर डंपिंग पॉइंट बने पड़े हैं। इनमें कुछ लोग आग लगा रहे हैं।
वीरवार अलसुबह डाकघर के पास भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब बड़े स्तर पर कूड़े में किसी ने आग लगा दी। डंपिंग पॉइंटों पर ठिकरी पहरा देने वाले कर्मचारियों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को दी और तुरंत प्रभाव से मौके पर दो गाड़ियां पहुंचीं।
इसके बाद आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। कई दिनों से पड़े इस कूड़े में आग लगने के कारण जहरीला धुआं फैल गया और जिससे आम आदमी को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, डोर-टू-डोर कूड़े की उठान नहीं होने के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में कचरा जलाने के मामले सामने आए हैं।
20 से ज्यादा जगहों पर कचरा जलाया गया। वहीं, प्रशासन की ओर से कर्मचारियों, मशीनरी और पुलिस फोर्स तक की व्यवस्था की जा चुकी है। मुख्यालय से आदेश नहीं आने के कारण कोई ठोस कदम प्रशासन उठा नहीं पा रहा है। आदेशों के इंतजार में अधिकारी बैठे हुए और शहर में लोगों को कूड़े के कारण परेशानी उठानी पड़ रही हैं।
नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है
हड़ताल के 15 दिन बीतने के बाद शहर में करीब 2200 एमटी कचरा जमा होने का अनुमान है। मुख्य सड़कों के अलावा गलियों, बाजारों, खाली प्लॉटों और कूड़ा डालने के निर्धारित स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति उन स्थानों पर बनी हुई है जहां जमा कचरे में आग लग रही है। आग बुझाने के बाद भी प्लास्टिक व अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण कचरा घंटों तक सुलगता रहता है और धुआं आसपास के पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। लोगों ने प्रदूषण और संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए संबंधित विभागों से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ग्रीन बेल्ट को बनाया डंपिंग पॉंइट
जहां शहर के मुख्य कॉलोनियों और बाजारों में डंपिंग पॉइंटों पर बड़े-बड़े कचरे के ढेर बने हुए हैं। वहीं, सेक्टरों में हालात बिल्कुल उलट हैं। सेक्टरों के साथ-साथ बाहरी क्षेत्र में बनी ग्रीन बेल्ट को लोगों ने डंपिंग पॉंइट बना लिया है। कचरा डालने के साथ-साथ उसमें आग लगाकर खत्म किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि सेक्टरों में आवासीय क्षेत्र पूरी तरह साफ सफाई देखने को मिल रही है। वहीं, लघु सचिवालय के बाहर सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर लगाया गया पिंजरा भी पूरी तरह से कचरे से भर गया है। स्थायी तौर पर उसे लगाया गया होने के कारण उससे कचरे की उठान मुश्किल हो गई है।