सिरसा। महिला से छेड़छाड़ व मोबाइल पर अश्लील वीडियो भेजने के मामले में दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अब मामले में आरोपी जगदीश सिंह के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस नहीं चलेगा। इस मामले में ओढां थाना पुलिस ने 17 मई 2025 को अभियोग दर्ज किया था।
मामले के अनुसार ओढां थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने 17 मई 2025 को थाने में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसका अपने पति से तलाक हो चुका है। वह नौकरी करने बैंकॉक गई और सितंबर 2024 में लौट आई। चार माह पहले वह अपने रिश्तेदार के यहां बठिंडा गई थी, जहां जगदीश उससे मिला। उसने उसका फोन नंबर लिया और पेपर मैरिज के बारे में पूछा। जगदीश ने उसे इंग्लैंड ले जाने की बात कही।
उसने उससे यह भी कहा कि पेपर मैरिज होने के बाद वे इंग्लैंड में तलाक ले लेंगे। महिला ने बताया कि आठ अप्रैल 2025 को वह जगदीश के घर गई और उसे पासपोर्ट, बैंक खाते की कॉपी और अन्य दस्तावेज सौंप दिए। जगदीश उस समय अकेला था। आरोप है कि जगदीश उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। 12 अप्रैल को जगदीश ने उसके मोबाइल पर अश्लील वीडियो भेज दी।
पुलिस ने जिला मोगा पंजाब निवासी जगदीश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर 19 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया। जगदीश ने 11 नवंबर को इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने का आवेदन दायर किया गया। 10 दिसंबर को न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल ने इसे स्वीकार लिया। इसके बाद 15 दिसंबर को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने हाईकोर्ट के आदेश को मानते हुए मामले का निपटारा कर दिया।