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किसानों के खातों में पैसे न आने से आर्थिक संकट : मेहता

Sun, 28 Apr 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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अनाज मंडी ​स्थित कार्यालय में बैठक करते आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य।
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सिरसा। मंडियों में गेहूं और सरसों की उठान प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है। इस कारण मंडियों में जाम की स्थिति बनी है। इसका असर किसानों व आढ़तियों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। उठान न होने पर किसानों के खातों में फसल का पैसा नहीं आ रहा है। यह बात आढ़ती एसोसिएशन सिरसा के प्रधान मनोहर मेहता ने शनिवार को एसोसिएशन कार्यालय में आढ़ती एसोसिएशन की विशेष बैठक बुलाते हुए कही।
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प्रधान ने कहा कि नियमानुसार जब किसान अपनी फसल बेच देता है और मंडी से संबंधित खरीद एजेंसी खरीदी गई फसल को उठाकर गोदाम में रखवा देती है। इसके बाद ही किसान को उसकी फसल का पैसा मिलता है। मंडी में फसल बोरियों में पड़ी रहेगी तो किसान के खाते में पैसे नहीं आएंगे। प्रधान ने कहा कि किसान व आढ़ती सरकार की खरीद प्रक्रिया का पालन करते हुए ही गेहूं व सरसों की फसल बेच रहे हैं।
उठान को लेकर ठेकेदार की गलती का खामियाजा किसान व आढ़ती दोनों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान एसोसिएशन उपप्रधान प्रेम बजाज, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष कुणाल जैन, सह सचिव महावीर शर्मा, सुशील कस्वां, दीपक नड्डा, सुशील रहेजा, कृष्ण गोयल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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किसान को करनी है नरमे की बिजाई
प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि गेहूं के सीजन खत्म होने के बाद किसान अपनी आगामी फसल की तैयारी में लग गया है। नरमे की बिजाई किसान को शुरू करनी है और गेहूं व सरसों का पैसा उसे नहीं मिला है। ऐसे में किसान फसल पर होने वाला खर्च कहां से निकालेगा। किसान को खाद-बीज खरीदने के लिए पैसे की जरूरत है। सरकार की ओर से 72 घंटे में भुगतान किया जाना था। आज 10 दिन से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। किसानों के खातों में पैसा नहीं आया है।



बारिश के कारण आढ़तियों को हो रहा नुकसान

प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि पिछले कई दिनों से मौसम बदल रहा है। बारिश व ओलावृष्टि हो रही है। उन्होंने कहा कि किसान से खरीदी गई फसल का जब तक उठान नहीं हो जाता, तब तक उसकी जिम्मेदारी आढ़ती की होती है। सिरसा मंडी पूरी तरह से बोरियों से अटी हुई है। यदि बारिश हो गई तो गेहूं भीग जाएगा, जिसका नुकसान आढ़तियों को होगा। घटौती की आशंका भी बनी हुई है। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द गेहूं का उठान सुनिश्चित किया जाए।
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