कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान शिकायतें सुनते सीएम नायब सिंह सैनी।
सिरसा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लापरवाह अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जिले में पहली बार बैठक लेने पहुंचे सीएम ने 2016 से लंबित मामलों का अब तक निस्तारण नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट करने के निर्देश दिए।
उनके समक्ष 15 शिकायतें रखी गईं जिनमें 12 का मौके पर ही निपटारा कर दिया जबकि दो को लंबित रखा गया। एक शिकायतकर्ता के अनुपस्थित रहने के कारण उसे आगे की कार्रवाई के लिए छोड़ दिया गया। जो शिकायतकर्ताओं बैठक में उपस्थिति नहीं हो सका सीएम ने मोबाइल फोन के माध्यम से उनकी समस्या जानी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता हार्दिक गोयल हरिद्वार गए हुए हैं। ऐसे में वह उपस्थित नहीं है। इस पर सीएम ने कहा कि बात कराओ उससे, वह शिकायत देकर घूम रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी से सीएम ने पूछा कि मामला क्या है तो उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता 2016 से विभाग के चक्कर काट रहा है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल चार्जशीट की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हार्दिक गोयल ने आरोप लगाया था कि सिरसा के इंडस्ट्रियल एरिया-1 स्थित सर्विस इंडस्ट्री शॉप के नक्शे में पैदल मार्ग और पार्किंग का सही माप अंकित नहीं किया गया है। उसे एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा जाता रहा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परमजीत सिंह निवासी गांव गंगा ने आरोप लगाया कि गांव झूठी खेड़ा में रहने वाले सुल्तान की मृत्यु वर्ष 2000 में हो चुकी थी और उसकी कोई संतान या वारिस नहीं था।
इसके बावजूद वर्ष 2020 में उसकी जमीन की कथित फर्जी वसीयत तैयार कर रजिस्टर्ड करा दी गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। गांव जोतांवाली निवासी संजय कुमार, जो बीमारी के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने उनसे फोन पर बातचीत की। इसके बाद उपायुक्त शांतनु शर्मा को मामले की जांच एसडीएम डबवाली से कराने व कष्ट निवारण समिति के सदस्य को भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए।