डबवाली की गली में कुत्ता का झुंड।
डबवाली। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय का माहौल है। कई क्षेत्रों में लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी कतराने लगे हैं।
वार्ड नंबर-1 की खूहवाली गली और वार्ड नंबर-2 की लूणा फैक्टरी क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्ते राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों पर झपट पड़ते हैं। कई लोग इनके कारण घायल भी हो चुके हैं। एकता नगरी में हाल ही में कुत्तों ने दो लोगों को काटकर घायल कर दिया था। बठिंडा रोड स्थित गली नंबर-3 में एक बच्चे पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया। हालांकि उसकी मां की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों के काटने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। गांव देसूजोधा और बिज्जुवाली में कुत्तों के काटने के बाद दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों संजय, लक्की गोयल, अनिल गोयल, योगेश गोयल, कमल, कमलजीत लप्पू ने नगर परिषद से आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल दावों से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी
नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके तहत कुत्तों को पकड़कर 300 क्षमता वाले आश्रय गृह में रखा जाएगा जहां उनका टीकाकरण, नसबंदी और देखभाल की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी।