भावदीन टोल प्लाजा पर धरने दे रहे किसानों को संबोधित करते किसान नेता।
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बीते तीन दिनों से इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन की सूचनाएं लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। ऐसे में अब सिरसा में धरना दे रहे किसानों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने का फैसला लिया है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने एक फरवरी तक इंटरनेट सर्विस शुरू नहीं की तो दो फरवरी को उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा और ज्ञापन दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि सरकार इंटरनेट सेवा बंद करके आंदोलन को खत्म करना चाहती है और अपनी करतूतों को छिपाना चाहती है।
बता दें कि जिले और पंजाब से दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने वाले किसानों का कारवां बढ़ता जा रहा है। रविवार को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा से करीब 120 किसानों का जत्था वाहनों पर सवार होकर दिल्ली के लिए कूच किया। साथ ही जिले के कई गांवों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही पंजाब से करीब तीन बसों और कारों में सवार होकर किसान दिल्ली के जाते हुए दिखाई दिए। भावदीन टोल प्लाजा पर रविवार को जिले के रानियां खंड के गांव रामपुर थेहड़ी और लहरांवाली ढाणी के ग्रामीणों ने लंगर सेवा की। वे अपने गांव से करीब 45 किलोमीटर दूर टोल पर लंगर की सेवा करने आए थे। यह सेवा पूरा दिन चली।
पक्का मोर्चा धरना स्थल पर बैठे किसानों ने बनाई रणनीति
वहीं दूसरी तरफ शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पक्का मोर्चा धरना स्थल पर बैठे किसानों ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इंटरनेट सेवा बहाल नहीं की जाती तो वह मंगलवार को किसान उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे और इंटरनेट सेवा बहाल करने को लेकर मांग पत्र सौंपेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि अगर इसके पश्चात भी इंटरनेट सेवा बहाल नहीं की जाती तो बैठक करके आगामी निर्णय लिया जाएगा। बाबा गुरदीप सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को पहले ही बदनाम कर चुकी है। लेकिन अब इंटरनेट सेवा बंद करके अपनी करतूतों पर पर्दा डाल रही। इस मौके नायब सिंह मलड़ी, लखा सिंह अलीकां, लखविंद्र सिंह उपस्थित रहे।