नेशनल हाईवे नंबर 9 पर उपमंडल के गांव डबवाली के समीप शनिवार की देर रात स्थानीय किसानों ने उत्तर प्रदेश, बिहार से आ रहे 25 ट्रक-ट्रालों को घेर कर रोक लिया। बताया जा रहा है कि उक्त ट्रकों में धान, जीरी और बासमती दूसरे राज्यों से पंजाब के राइस मिलर्स द्वारा मंगवाया गया था। राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी के नेतृत्व में किसानों ने इसको लेकर धरना प्रदर्शन कर रोष जताया। वे सभी गाड़ियों को यूपी-बिहार वापस भेजने की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और कागजातों की जांच के बाद पुलिस सुरक्षा में ट्रकों को पंजाब रवाना कर दिया।
सड़क किनारे दरी बिछाकर धरने पर बैठे राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी व अन्य ने बताया कि वह पहले भी प्रशासन को इस बारे में अवगत करवा चुके हैं कि इलाके में बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों से धान, चावल लाकर यहां के सैलरों में लगाया जा रहा है। इससे जहां स्थानीय किसानों को आर्थिक हानि हो रही है, वहीं सरकार को भी राजस्व का चूना लगाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं। शनिवार की मध्य रात्रि से लेकर रविवार अलसुबह तक किसानों ने करीब 25 ट्रकों व ट्रालों को जीटी रोड पर रोका, जो चावल भरकर पंजाब के शहर फाजिल्का, जलालाबाद, श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिदड़बाहा, लादूका मंडी जा रहे थे। भाटी ने बताया कि उन्होंने अपने सहयोगी किसान साथियों के साथ मिलकर इन्हें यहीं पर रोक लिया। सूचना मिलने पर आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने ट्रकों के चालकों से गाड़ी से संबंधित कागजातों को अपने कब्जे में ले लिया।
डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बेनिवाल रविवार सुबह किसानों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि एसडीएम डबवाली अवकाश पर हैं, उन्हें फोन कर बुलाया गया है। वह किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देंगे। जैसा वह कहेंगे वैसे ही कानून के तहत कार्रवाई करेंगे। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम डबवाली अश्वनी कुमार व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कागजातों को गहनता से जांच के बाद सही पाए जाने पर सभी ट्रकों को पुलिस की सुरक्षा में हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पार करवा दिया। इस दौरान हरियाणा का एक ट्रक जो कालांवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है, उसे रोक लिया गया है। एसडीएम डबवाली अश्वनी कुमार ने किसानों को आश्वासन दिया कि यूपी-बिहार से आ रहे धान, जीरी व बासमती को डबवाली क्षेत्र मेें नहीं उतारा जाएगा। इस एरिया के किसानों का चावल प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा। इसके बाद किसान शांत हुए और गाड़ियों को रवाना कर दिया गया।
ट्रक चालक बोले- उनके पास पूरे कागजात, फिर भी रोका
वहीं दूसरी ओर ट्रक चालक पुखराज ने बताया कि वह शनिवार रात्रि साढ़े 9 बजे यहां पहुंचा था, कागज सही होने के बावजूद किसानों ने मुझे आगे नहीं जाने दिया। बाद में पुलिस आ गई और मेरी गाड़ी के कागज व बिल्टी आदि ले गई। मैं यूपी के सीतापुर से पंजाब के मुक्तसर के लिए जा रहा था। ट्रक चालक मुकेश कुमार ने बताया कि जब मैं यहां से गुजर रहा था तो मैंने देखा कि कई गाड़ियां सड़क के किनारे खड़ी थीं और भारी पुलिस भी तैनात थी। पुलिस ने मेरी गाड़ी रोक ली। हमने अपने ट्रांसपोर्टर व शैलर मालिक से बात भी करवा दी है। ट्रक चालक स्वर्णजीत सिंह ने बताया कि वह सुबह करीब 4 बजे यहां पहुंचा था। सभी गाड़ियों के साथ पुलिस को खड़ा देखकर मैंने गाड़ी रोकी। मुझे भी सभी कागजात दिखाने को कहा गया, जो मैंने दिखा दिए। मैं गोहाना से जलालाबाद जा रहा था। पुलिस ने कागजों की जांच कर उसे वापस कर दिए, लेकिन किसान उसे यहां से जाने नहीं दे रहे थे।
किसानों से बातचीत करते एसडीएम डबवाली व अन्य अधिकारी।- फोटो : Sirsa