सिरसा। किसान संगठनों, सरपंचों व आम आदमी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल के प्रयोग, अमर्यादित शब्दावली व नजरबंद करने के विरोध में लघु सचिवालय के समक्ष मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद डीडीपीओ राजेश कुमार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग उठाई।
बीकेई से मैक्स साहुवाला, गुरी सेखों, सरपंच एसोसिएशन की राज्य उपप्रधान संतोष बैनीवाल, जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग, आप नेता कुलदीप सिंह गदराना, मलकीत सिंह खोसा ने बताया कि 13, 14 व 15 मई को मुख्यमंत्री ने सिरसा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आम लोगों की बात सुनने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री ने आदेश पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया, जोकि निंदनीय है। यहां तक की फरियादी को बाहर निकालो व पीटो जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया। उन्होंने कहा कि खैरेकां में गीता रानी जो नशा बंद करवाने की मांग कर रही थी, उसे कहा गया कि आप किसी की सिखाई हुई बोल रही हैं। गांव बणी में सरपंच नैना झोरड़ ने मुख्यमंत्री के स्वागत का पूरा इंतजाम किया। जब उसने अपने पति पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की तो उसको अनसुना किया गया। नैना झोरड़ ने अपनी चुनी मुख्यमंत्री के पैरों में फेंककर कार्रवाई करने की मांग की तो मुख्यमंत्री ने उसकी चुनरी सिर पर रखने की बजाय उसे स्टेज से बाहर निकाला गया। उन्होंने मांग की कि इस दौरे के दौरान किसानों व मजदूरों पर बनाए गए मुकदमे वापस लिए जाए। अभद्र व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री आमजन से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।