सिरसा। सेम नाले की सफाई और तटबंध की मजबूती की मांग पर किसानों ने वीरवार को लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया। सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उपायुक्त शांतनु शर्मा को अपना ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर अब भी ध्यान नहीं दिया गया तो वे किसान यूनियनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में किसान नेता प्रकाश ममेरा व किसानों ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि हिसार-घग्गर ड्रेन से एक हजार क्यूसेक से अधिक पानी आता है, जो पिछले साल सेम नाले में कई जगह टूट गया था। सेम नाले की नियमित सफाई न होने और तटबंध मजबूत न होने के कारण पानी की निकासी रुक जाती है। इससे पिछले वर्ष पैंतालीसा क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। किसानों ने कहा कि बरसात से पहले सेम नाले की सफाई और तटबंधों को मजबूत किया जाए।
किसानों ने बताया कि साइफन व्यवस्था से पानी निकलने की स्थिति में घग्गर का पानी बैकफ्लो करता है, जिससे सेम नाला खतरनाक रूप ले लेता है। यह अतिरिक्त पानी आगे एसजीसी और शेरा पैरलर नहरों में छोड़ा जाता है, जिससे इन नहरों पर निर्भर 50 गांवों की फसलें तबाह हो जाती हैं। उस समय नहरों में घग्गर का पानी बंद कर दिया जाता है, लेकिन इससे नहरों से जुड़े 40 गांव और सेम नाले से प्रभावित 60-64 गांव बुरी तरह प्रभावित होते हैं। किसानों ने कहा कि पानी को लिफ्ट पंपों से सीधे घग्गर में डाला जाए। वे कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।