सिरसा। ऐलनाबाद क्षेत्र के मल्लेकां, माधोसिंघाना सहित कई गांवों में जंगली सूअर फसलों को तबाह कर रहे हैं। जिसके कारण किसानों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसलों को बचाने के लिए किसान रात को खेतों में पहरा लगाने को मजबूर हैं। किसान संबंधित विभाग को भी शिकायत दे चुके हैं पर समाधान नहीं मिल रहा है।
ऐलनाबाद क्षेत्र में अब जंगली सूअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सूअर रात के समय आलू, गाजर और अन्य फसलों को नुकसान रहे हैं। सूअर जमीन खोद कर फसल को नुकसान पहुंचा रहा हैं। सूअर जमीन के अंदर होने वाली फसल को नुकसान पहुंचा ही रहे हैं साथ ही गेहूं और सरसों की फसल को भी खराब कर रहे हैं। सूअरों को खेत से भगाने के लिए किसान रात को पहरा देने को मजबूर हो रहे हैं। लेकिन सूअर एक खेत से निकल दूसरे खेत में पहुंच तबाही कर रहे हैं। जिसका किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खेत में तार और पटाखों से सूअरों को भगा रहे हैं किसान
मल्लेकां के किसान विपुल ज्याणी, हरदेव सिंह, हरजीत सिंह, राम ने बताया कि उन्होंने खेतों में इस वर्ष आलू की बिजाई की है। आलू अब जमीन में तैयार हो रहा है। लेकिन जंगली सूअर उसे नुकसान पहुंच रहे हैं। जंगली सूअरों को भगाने के लिए वह पटाखों और खेत के चारों तरफ तार लगा रहे हैं। इससे पहले भी जंगली सूअर खेत में आते थे लेकिन उनकी संख्या कम थी। अब जंगली सूअरों की संख्या काफी बढ़ गई है। सूअर जिस भी क्षेत्र से गुजर रहे है वहां पर फसल पूरी तरह से नष्ट हो रही है।
सेमनाला के साथ ऐलनाबाद क्षेत्र में पहुंच रहे हैं जंगली सूअर
हिसार से ऐलनाबाद क्षेत्र में पहुंचे सेम नाले के साथ-साथ सूअर भी इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। जिसके कारण इस क्षेत्र में जंगली सूअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जंगली सूअरों के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान वन्य जीव विभाग को भी शिकायत दे चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी समस्या का हल नहीं हो पा रहा है।
जिले में जंगली सूअरों की संख्या अब 250 से अधिक हो गई है। ऐलनाबाद क्षेत्र में सेम नाले के साथ साथ जंगली सूअर खेतों में पहुंच रहे हैं। खेतों में जंगली सूअर नुकसान पहुंचाने जैसी शिकायतें भी आ रही है। जिसका जल्द ही समाधान करवाया जाएगा ।
-लीलू राम, इंस्पेक्टर, वन्य जीव विभाग, सिरसा।