भाजपा नेताओं की गाडी घेरे किसान।
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भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य देवीलाल के नेतृत्व में गांव ओटू में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की बैठक एक निजी पैलेस में बुलाई गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैठक में एसवाईएल के पानी की मांग और तीन कृषि कानूनों के समर्थन में उपवास रखा था। बैठक की भनक लगते ही किसानों ने मौके पर पहुंचकर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर भड़ास निकाली। वहीं किसानों ने भाजपा नेताओं की गाड़ियों को घेर लिया और काले झंडे भी दिखाए। इस दौरान एक नेता की गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से किसानों को रास्ते से हटाया और नेताओं को रवाना किया।
बता दें कि शनिवार को भाजपा नेताओं ने एसवाईएल व तीन कृषि कानून के समर्थन में जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ओटू गांव के एक पैलेस में उपवास रखने का कार्यक्रम बनाया। करीब 11 बजे भाजपा नेता पैलेस में पहुंचे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस पहले ही पैलेस के बाहर तैनात थी। बैठक में पूर्व चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, पूर्व विधायक बलकौर सिंह कालांवाली व रानियां से पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज के अलावा विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल हुए।
दोपहर करीब 12 बजे भाजपा के कार्यक्रम की भनक क्षेत्र के किसानों को लग गई। निजी पैलेस के बाहर किसानों ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बैठक में पैलेस के अंदर भाजपा नेता कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। वहीं पैलेस के बाहर किसान लगातार नेताओं के नाम ले लेकर मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद करीब एक बजे जब भाजपा नेताओं का काफिला निकलने लगा तो किसानों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया और काले झंडे दिखाए। घेराव के दौरान किसानों की भीड़ ने एक भाजपा नेता की गाड़ी पर मुक्के मारने शुरू कर दिए। इससे एक भाजपा नेता की गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस ने किसानों को बड़ी मुश्किल से हटाकर भाजपा नेताओं को निकाला।
प्रदर्शन कर रहे किसान नेता हैप्पी सिंह, मनप्रीत सिंह, लक्खा सिंह, हरभगवान, सुखविंदर सिंह, राकेश दहिया, राजेश मलिक, मनप्रीत सिंह, चंदन औलख का कहना है कि भाजपा नेता कृषि कानून पर बात न करके एसवाईएल का पानी मांगने की बात कहकर लोगों को बरगला रहे हैं। प्रदेश का किसान इस प्रकार के झूठे दिखावे में नहीं आएगा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अगर किसान हितैषी थे तो चोरी छुपे गांव ओटू में गुपचुप तरीके से बैठक करना इनकी मंशा को जाहिर करता है। अगर भाजपा सरकार हरियाणा के लोगों को पानी दिलाना चाहती है तो इसका खुलकर प्रचार करना चाहिए था।