चोपटा (सिरसा) । बीमा क्लेम व मुआवजे को लेकर तहसील कार्यालय में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों का धरना 48वें दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने धरने में शिरकत की।
चढूनी ने कहा कि तानाशाही सरकार से मांगे मनवाने के लिए किसानों को भूखा रहने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरी मजबूती से सरकार के साथ लड़ने की जरूरत है। अपने हक के लिए हर वर्ग को आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अफसर व कर्मचारी जनता के नौकर होते हैं न की मलिक। युवा किसान नेता रवि आजाद ने भी धरने में शिरकत कर किसानों का समर्थन किया।
वहीं, शिव मंदिर धर्मशाला में 55 गांवों की पंचायत ने सर्वसम्मति से पांच किसानों का आमरण अनशन तुड़वाने का फैसला किया। किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि आठ दिन से किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। सभी किसानों ने एक राय से फैसला लिया कि भूख हड़ताल को समाप्त कर आंदोलन जारी रखा जाएगा। शाम करीब 4 बजे सिरसा के सीटीएम अजय कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनका बीमा क्लेम उनके खातों में आने के लिए कागजी कार्रवाई में तेजी लाई गई है। सीटीएम अजय कुमार ने किसान नंदलाल ढिल्लो, भरत सिंह झाझड़ा, अमन बैनीवाल, नरेंद्र पाल, दीवान सहारण को जूस पिलाकर आठवें दिन आमरण अनशन तुड़वाया। किसानों ने कहा कि जब तक बीमा क्लेम उनके खातों में नहीं आएगा धरना जारी रहेगा। इस दौरान रवि आजाद, रीटा कासनिया, प्रकाश मामेरा, सुरेश ढाका, बलराम सहारण, सिकंदर रोड़ी, लखविंदर सिंह किसान मौजूद रहे।
महिलाओं ने पैदल व किसानों ने ट्रैक्टर
मार्च निकाला
मंगलवार को नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा कासनिया सहित गांव की महिलाएं पैदल चलकर धरना स्थल पर पहुंचीं। गांव जमाल के सरपंच प्रतिनिधि ओम प्रकाश डूडी ने गांव के सैकड़ों किसानों के साथ ट्रैक्टर लेकर धरना स्तर पर पहुंचे। रूपावास, लुदेसर, रुपाणा, शक्कर मंदोरी, शाहपुरिया सहित चोपटा क्षेत्र के किसानों ने ट्रैक्टरों मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।