रानियां। मम्मड़ नहर में पानी न छोड़े जाने पर 10 गांवों के किसानों ने स्टेट हाईवे के पास मम्मड़ ब्रांच पर धरना लगाया। इस अवसर पर गुस्साए किसानों ने सिंचाई विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसकी सूचना पाकर सिंचाई विभाग से जेई धीरज कुमार व एक्सईएन संदीप शर्मा ने एसई को फोन कर समस्या से अवगत करवाया।
इसके पश्चात एसई ने किसानों को 10 जून से दो सप्ताह के लिए नहर में पानी छोड़ने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया। किसानों का कहना है कि अगर विभाग ने इस बार उनकी मांग को अनदेखा किया और दो सप्ताह पानी नहीं छोड़ा तो वह किसी भी हालत में बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गौरतलब है कि करीब 10 गांवों के किसान पिछले कई दिनों से मम्मड़ ब्रांच में सिंचाई व पीने का पानी छोड़े जाने के लिए सिंचाई विभाग के कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मजबूर होकर किसानों ने अपने हक के पानी लेने के लिए करीब चार घंटे तक धूप में धरना लगाया।
लोगों ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से 21 मई को हरियाणा को पानी देने के बाद सिरसा व फतेहाबाद की सभी नहरों में पूरा पानी छोड़ा गया, जबकि मम्मड़ ब्रांच में अभी तक पानी टेल पर नहीं पहुंचा।
इस कारण अभी तक किसानों को सिंचाई और घरों में पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हुआ। आज भी मम्मड़ ब्रांच के दर्जनों गांव सिंचाई और पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब भी उनकी आवाज को अनसुना किया गया तो वे केहरवाला हेड को मिट्टी डालकर बंद कर देंगे और बड़े स्तर पर रोड जाम करने को मजबूर होंगे।
इस अवसर पर गांव रिसालिया खेड़ा, केहरवाला, मम्मड़ खेड़ा, दारेवाला, सेनपाल कोठा, सेनपाल, मतुवाला व सादेवाला सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।