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खाद वितरण में भेदभाव का आरोप लगा किसानों गिराया दुकान का शटर

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कर्मचारियों के आगे शटर बंद करते किसान। - फोटो : Sirsa
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बड़ागुढ़ा। डीएपी के लिए बड़ागुढ़ा में एक निजी दुकान पर खाद मिलने की सूचना के बाद काफी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। स्थिति उस समय विकट हो गई जब किसानों ने खाद वितरण में भेदभाव का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। किसानों का आरोप था कि कुछ किसान नेता दबाव बनाकर अपने चहेतों को खाद दिलवा रहे है। जबकि अनेक किसान पिछले कई दिनों से खाद के लिए लाइनों में आकर खड़े हो रहे हैं। आक्रोशित किसानों ने दुकान का शटर बंद करवाते हुए खाद की पर्ची काट रहे कर्मचारियों का घेराव कर लिया। वहीं सूचना के बाद बडागुढ़ा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। करीब 2 घंटों तक चले हंगामे उपरांत किसानों की मांग पर दोबारा खाद बांटने का कार्य शुरू किया गया।
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बता दें कि बड़ागुढ़ा में खाद की एक निजी दुकान पर डीएपी खाद से भरा एक ट्रक आया था। सोमवार को किसान खाद लेने के लिए कतार लगाकर खड़े हो गए। जिसके बाद कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में टोकन देकर 500 बैग खाद वितरित किए गए। मंगलवार को भी खाद से भरा एक ट्रक दुकान पर पहुंचा। सूचना के बाद काफी संख्या में किसान खाद लेने के एकत्र हो गए। कृषि विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में जब खाद बांटने का सिलसिला शुरू हुआ तो किसानों ने आरोप लगाए कि लाइन में लगे किसानों को खाद न देकर पहले से काटे गए कूपन पर ही खाद दी जा रही है। किसानों ने बताया कि कर्मचारियों ने अपने चहेतों को खाद देने के लिए पर्ची के करीब 125 नंबर खाली छोड़ दिए। उसके बाद के नंबर पर खाद दी जा रही है। ये आरोप लगाकर किसानों ने बवाल खड़ा कर दिया। किसानों ने दुकान का शटर बंद करवाते हुए खाद बांटने का कार्य बंद करवा दिया।
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