बीते दिनों चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के गेट के बाहर किसानों व एक पुलिसकर्मी के गर्मागर्मी को लेकर अब सभी मनमुटाव दूर हो गए है। रविवार को जनता भवन रोड स्थित भारतीय किसान एकता के कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और सभी मतभेद दूर हो गए।
इस वार्ता में एएसआई रामफल भी शामिल हुए और भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह के साथ बातचीत की। रामफल ने कहा कि उस दिन उनकी ऐसी कोई भी मंशा नहीं थी कि वह किसानों के साथ दुर्व्यवहार करे, लेकिन फिर भी ठेस पहुंची हैं तो वह अपने शब्द वापिस लेता है।
प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस मुलाजिम भी हमारे किसान और मजदूर के परिवारों से हैं। हमारा आंदोलन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी गारंटी कानून बनाने के लिए सरकार के खिलाफ है। इसलिए भारतीय किसान एकता की पूरी टीम एसपी ऑफिस के अपने घेराव का निर्णय वापस लेती है। क्योंकि हमारी आपस में बैठकर गलत फहमियां दूर हो गई है। हम पुलिस प्रशासन से अपील करते हैं कि किसान आंदोलनकारी के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें।