एक घंटे बाद भी समाधान न निकलने पर किसानों ने बैठक की और फैसला किया कि जब तक पांचों किसानों को रिहा नहीं किया जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय की ओर जाने वाले रास्ते पर दक्ष प्रजापति चौक पर पड़ाव डाल दिया।
किसानों के प्रश्न, प्रशासन के जवाब
- राकेश टिकैत : पांच किसानों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
- एसपी जैन : पांचों के खिलाफ राजद्रोह का मामला है। पांचों पर डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव करने का आरोप है।
- किसान नेता : डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव होने पर क्या राजद्रोह का मुकदमा बन जाता है? आपके पास सुबूत क्या है, कि इन्हीं पांच किसानों ने पथराव किया। आपने राजद्रोह का मुकदमा प्रहलाद सिंह भारूखेडा के खिलाफ दर्ज किया था, जो आपके सामने बैठे हैं। पांचों को क्यों गिरफ्तार किया?
- प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर किसानों को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज दिखाए।
- किसान नेता : फुटेज में डिप्टी स्पीकर की गाड़ी का पीछे से टूटा शीशा दिख रहा है लेकिन पांचों किसान कहीं भी पत्थर फेंकते नहीं दिख रहे हैं। हमें वो वीडियो दिखाओ। यदि आपके पास फुटेज नहीं है तो फिर ये दावा कैसे किया गया।
- किसान नेताओं ने राजद्रोह का मुकदमा रद्द करने और गिरफ्तार पांचों किसानों की रिहाई की मांग की।
- प्रशासन ने किसानों की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया। साथ ही बीच का रास्ता निकालते हुए एसआईटी बनाने की बात कही। किसानों के इससे इनकार के बाद अफसरों ने कहा कि यदि किसानों को लगता है कि राजद्रोह की धारा गलत लगाई गई है तो वे कोर्ट जाएं। कोर्ट जो फैसला देगा वो मान्य होगा।
- किसान नेताओं ने कहा राजद्रोह की धारा रद्द करें। प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से सलाह मशविरा करने का समय मांगा और किसानों को कुछ समय अलग बैठ कर फैसला करने का समय भी दिया।