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अब कृषि विधेयकों के समर्थन में किसानों ने निकाली ट्रैक्टर यात्रा

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उपायुक्त कार्यालय की ओर जाते किसान। - फोटो : Sirsa
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ग्रामीण किसान सभा के नेतृत्व में सिरसा के सैकड़ों किसानों ने शनिवार सुबह शहर में ट्रैक्टर यात्रा निकालकर कृषि विधेयकों का समर्थन किया। इस यात्रा का नेतृत्व किसान नेता कर्ण चाड़ीवाल ने किया। वहीं इसके विरोध में लघु सचिवालय पर बैठे अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के सदस्यों ने काले झंडे दिखाने का फैसला लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि विधेयक समर्थित किसानों को उपायुक्त कार्यालय पर ज्ञापन सौंपने नहीं देंगे। ऐसे में प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए विधेयक समर्थित किसानों को उपायुक्त के कैंप कार्यालय पर ही दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे ज्ञापन दिलवाया।
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बता दें कि जिले के अलग-अलग गांवों से ट्रैक्टर लेकर किसान शहर के सुरखाब चौक पर दिन में 11.30 बजे पहुंचे। करीब 135 ट्रैक्टर काफिले में थे, एक ट्रैक्टर पर तीन से ज्यादा किसान नहीं थे, ज्यादातर ट्रैक्टर पर एक ही चालक किसान था। ट्रैक्टर यात्रा बस स्टैंड से लेकर बाबा भूूमणशाह चौक तक करीब एक किलोमीटर लंबी थी। युवा किसान नेता कर्ण चाड़ीवाल ने इस मौके पर मीडिया से कहा कि कृषि विधेयक किसानों के हितों में है और इससे किसानों को पूरा लाभ मिलेगा। कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते किसानों को बरगला रहे हैं, यह गलत है। किसान को इन विधेयकों का विरोध करने से पूर्व इसे पढ़ना चाहिए। चाड़ीवाल ने कहा कि हम इन विधेयकों के हक में हैं और जब तक एमएसपी पर फसल बेचने का अधिकार सरकार दे रही है हम सरकार के साथ खड़े हैं। इस दौरान डीसी सिरसा को ज्ञापन सौंपा गया और खराब हुई फसल के मुआवजे की गुहार लगाई गई। इसी के साथ पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की गई और इसकी जांच की मांग की गई। किसान उत्पादक संघ, प्रगतिशील किसान संगठन व सहकारी किसान संगठन ने भी इस विधेयक का समर्थन किया।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति ने किया विरोध, उपायुक्त ने धरना करवाया समाप्त
दूसरी ओर लघु सचिवालय में विशेष गिरदावरी व तीन विधेयकों के विरोध में धरने पर बैठे किसान उस समय आक्रोशित हो गए जब जिले के कुछ किसान इसका समर्थन करने पहुंचे। धरने का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार ने साथी किसानों को काले झंडे दिए और विरोध में नारेबाजी करनी शुरू कर दी। सभी किसान उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए कि जब समर्थन के किसान ज्ञापन देने आएंगे तो उन्हें वहीं पर रोका जा सकें। लेकिन इस विरोध को देखकर विधेयक पक्ष के किसान उपायुक्त को कैंप कार्यालय पर ही ज्ञापन सौंपकर वापस चले गए। किसान विकल पचार ने कहा कि जो किसान ट्रैक्टर पर बैठ कर आए हैं वे किसान नहीं, फर्जी लोग हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधेयक के पक्ष में आए किसान भाजपा सरकार के दलाल हैं।
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कल से विशेष गिरदावरी शुरू करने का आश्वासन, किसानों का धरना खत्म
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान व एसपी भूपेंद्र सिंह दोपहर बाद दो बजे किसानों के धरने पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से कहा कि सोमवार से विशेष गिरदावरी शुरू हो जाएगी। उसमें नंबरदार और किसान भी साथ होंगे। इसके बाद किसानों का धरना समाप्त करवाया गया।
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