बैंकों के ड्राप बॉक्स में अब चेक भी सेफ नहीं
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लोन राशि भरने के उपरांत किसान को ठगने की नीयत से फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने उसके चेक से छेड़छाड़ कर दी। पीड़ित किसान तमाम सबूत लेकर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता से मिला। पुलिस अधीक्षक ने शहर थाना प्रभारी को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार थेहड़ी रणजीतपुर निवासी बलविंद्र सिंह खेतीबाड़ी करता है। बलविंद्र सिंह ने 14 मार्च 2013 को ट्रैक्टर खरीदा था। उसे बुआई करने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसलिए एक फाइनेंस कंपनी के बरनाला रोड स्थित ब्रांच आफिस में जाकर दो लाख 85 हजार रुपये लोन लिया। मैनेजर ने लोन की राशि की एवज में ब्याज की रकम शामिल करके बलविंद्र सिंह से 61000- 61000 के छह चेक ले लिए। हर किश्त की राशि दस जून व दस दिसंबर से पहले जमा करवानी थी। किसान बलविंद्र सिंह ने दिसंबर 2015 को सारी लोन राशि कंपनी मैनेजर को जमा करवा दी। आरोप है कि इसके बाद मैनेजर ने उसको ठगने की नीयत से उसके चेकों से छेड़छाड़ करके 61000 को एक लाख 69 हजार रुपये का बना उसे बैंक में क्लीयरेंस के लिए डाल दिया। बलविंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उसे बैंक से इस बात का पता चला तो उसने फाइनेंस कंपनी मैनेजर से अपने चेक वापस मांगे जो उन्होंने देने से इनकार कर दिया।
किसान ने पुलिस अधीक्षक को सारे सबूत दिखाते हुए कहा कि फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने उसके साथ धोखाधड़ी करके रुपये ठगने की नीयत से साजिश रची और उसके चेकों का दुरुपयोग किया है। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक निर्देश पर बस अड्डा चौकी प्रभारी भूदेव सिंह ने जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी भूदेव सिंह ने बताया कि आरोपी मैनेजर मोहित गर्ग व कैशियर को बुधवार सुबह बुलाया गया है। उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।