रोडी थाना क्षेत्र के गांव फग्गू में स्थित एक पेट्रोल पंप पर कम तेल डालने को लेकर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन कर कई घंटों तक बवाल काटा। सूचना पाकर रोडी, कालांवाली और बड़ागुढ़ा पुलिस के अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग एवं इंडियन ऑयल के सेल्स अधिकारी सहित अन्य मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे आक्र ोशित लोगों को समझाबुझाकर शांत करने में कई घंटे तक पसीना बहाया। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक चले बवाल में अधिकारियों ने पंप की एक मशीन को सील कर पंप संचालक को नोटिस थमाया तब कहीं जाकर लोग शांत होकर घरों की ओर लौटे।
शुक्रवार रात्रि फग्गू निवासी अमृतपाल रोडी रोड पर स्थित बॉबी पेट्रो किसान सेवा केंद्र पर कैनी लेकर डीजल लेने आया था। युवक के मुताबिक जब वह पंप पर पहुंचा तो कारिंदा विक्रम पंप की तेल डालने वाली नोजल पाइप से तेल निकाल रहा था। युवक ने कारिंदे को 200 रुपये का डीजल डालने की बात कही, लेकिन कारिंदे ने उक्त मशीन से 200 रुपये का तेल न डालने की बात कहकर दूसरी मशीन से तेल डलवाने को कहा। इसी बात पर युवक ने कारिंदे पर पाइप से तेल निकालकर लोगों के साथ ठगी करने का आरोप लगाते हुए अन्य लोगों को फोन कर मौके पर बुला लिया। उधर, पंप संचालक बॉबी सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामला निपटाने की कोशिश की जहां काफी देर तक बहसबाजी चलने उपरांत युवक ने रोडी थाना में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले को लेकर पुलिस भी देर रात्रि तक कई बार चक्कर लगाती रही।
सुबह गर्माया मामला, धरना प्रदर्शन
इस मामले को लेकर शनिवार सुबह लोग भारतीय किसान यूनियन हलका कालांवाली के प्रधान गुरनाम सिंह पक्का के नेतृत्व में पंप पर आ गए और वहां दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर रोडी थाना प्रभारी कश्मीरी लाल ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने कार्रवाई करने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन जारी रखा। मामला बढ़ता देख कालांवाली के नायबतहसीलदार रामचंद्र, खाद्य आपूर्ति विभाग से कश्मीरी लाल, नापतोल विभाग से निरीक्षक सतवीर सिंह, उप निरीक्षक हंसराज, इंडियन ऑयल के सेल्स अधिकारी भरत सिका, मशीन निर्माता मिडको कंपनी से सोनू कुमार सहित अन्य भी मौके पर पहुंच गए। सभी अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्हें समझा बुझाकर शांत करना चाहा, लेकिन प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे की पंप संचालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर पंप को सील किया जाए। अधिकारियों ने लोगों को अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए मशीन को पांच दिन तक बंद करने की बात कही, लेकिन लोग नहीं माने। इस धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लंगर, चाय व पानी का भी इंतजाम मौके पर कर रखा था।
नोजल पाइप से निकालते हैं तेल
लोगों का आरोप था कि पंप के कारिंदे मशीन की नोजल पाइप से तेल निकालकर लोगों को कम डीजल डालकर ठगी करते हैं। उनका आरोप था कि इससे पहले भी पंप पर इस तरह की दो बार हरकत हो चुकी है। उधर, पंप संचालक ने अपनी सफाई में कहा कि नोजल पाइप लीक होने के कारण कारिंदा उसे ठीक कर रहा था। उन्होने लोगों के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया। लोगों का कहना था कि नोजल पाइप में तकरीबन दो लीटर तेल आता है जो तेल निकालकर कारिंदे लोगों के साथ ठगी करते हैं।
उसी मशीन से तेल भरकर मापकर दिखाओ
ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे की उसी मशीन से डीजल माप में डालकर पूरा कर दिखाया जाए। घंटों चली जद्दोजहद उपरांत अधिकारियों ने तेल का माप मंगवाकर तेल भरवाया। जब पांच लीटर के माप में पंप की रीडिंग के अनुसार 5.7 लीटर तेल डाला तो माप में करीब पौने दो लीटर तेल कम पाया गया। इस बात पर लोगों ने पुन: हंगामा शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी ग्रामीणों को कानून हाथ में न लेने की बात कहते हुए बार-बार समझाते रहे, लेकिन लोग कार्यवाही की जिद पर अड़े रहे। अधिकारियों ने उक्त मशीन से दूसरी बार पुन: माप भरा तो उसमें चार प्वाइंट व तीसरी बार में एक प्वाइंट तेल ज्यादा होना पाया।
कई घंटों तक चले शोरगुल उपरांत अधिकारियों ने उक्त डीजल मशीन को सील करते हुए पंप संचालक को रिपोर्ट कॉपी थमाई है। वहीं इसकी प्रति शिकायत कर्ता, नायब तहसीलदार व सैल कंपनी के अधिकारी को भी दी गई है।
देखिए हमारा काम तो मिलावट जांच से संबंधित होता है। वैसे नापतोल विभाग ने तेल मापा है। जिसमें नोजल के तीन जांच में प्रथम जांच में 5.7 लीटर तेल डाला तो माप में करीब पौने दो लीटर तेल कम पाया गया तथा दूसरी बार पुन: माप भरा तो उसमें चार प्वाइंट व तीसरी बार में एक प्वाइंट तेल ज्यादा होना पाया गया। इंडियन ऑयल कंपनी जब तक कोई डिसीजन नहीं ले लेती तब तक नोजल मशीन को सील कर दिया गया है।
-कश्मीरी लाल, निरीक्षक खाद्य आपूर्ति विभाग।
लोगों की तेल कम डालने की शिकायत थी जिस पर हमने लोगों के समक्ष नोजल से तेल माप कर रिपोर्ट बनाकर कंपनी, पंप संचालक को दे दी है। जब तक इंडियन ऑयल कंपनी कोई डिसीजन नहीं लेती तब तक पंप की नोजल मशीन सील कर दी गई।
-रामचंद्र, नायब तहसीलदार, कालांवाली।