कालांवाली। नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र कालांवाली की ओर से विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शहीद भगत सिंह काॅलेज में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र के परियोजना समन्वयक शमशेर सिंह ने विद्यार्थियों व स्टाफ को तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली हानियों पर विस्तार से प्रकाश डालकर जागरूक किया और तंबाकू उत्पादों व अन्य नशे का सेवन न करने की शपथ दिलाई।
शमशेर सिंह ने बताया कि बड़े नशे की शुरुआत छोटे नशे यानि कि बीड़ी सिगरेट जर्दा से ही होती है। इसलिए छोटे नशे से शुरू से ही दूर रहना चाहिए। विद्यार्थियों को अपना फोकस सिर्फ पढ़ाई पर ही रखना चाहिए और साथ-साथ खेल मैदान से भी जुड़ना चाहिए। अगर आपका कोई दोस्त किसी भी प्रकार के नशे के लिए ऑफर करें तो तुरंत ना कहना चाहिए।
नशे को ना, जिंदगी को हां वाक्य को अपने जीवन में धारण करें। तंबाकू उत्पादों के सेवन से शरीर में अनेक लाइलाज बीमारी लग जाती है जैसे टीबी, दमा, अस्थमा, अल्सर और कैंसर के अलावा आंखों में लालिमा। सबसे गंभीर बात यह है कि किशोर युवा तंबाकू उत्पादों के सेवन की चपेट में आ रहे हैं उनको समझा कर बचा कर रखना हम सभी की साझी जिम्मेदारी बनती है।
काॅलेज के निदेशक अशोक कुमार सिंगला ने कहा कि आज के समय में नशा छुड़ाने से बड़ा सामाजिक और पुण्य का कार्य कोई नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि काॅलेज में समय-समय पर ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर केंद्र की टीम में काउंसलर बीरपाल कौर, मनोवैज्ञानिक राजेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।