सिरसा। जन्म देने के बाद बच्चे को बेचने के मामले में पुलिस अब तक चालान पेश नहीं कर पाई है। न्यायालय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि मामले की सुनवाई तेजी से हो सके। अगली सुनवाई 9 जून 2026 को होगी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बागोटिया की अदालत में शनिवार को जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बच्चे व उसके पिता की डीएनए रिपोर्ट पेश की जिसमें पुष्टि हुई कि संजीव कौशल ही बच्चे के जैविक पिता हैं। पुलिस ने आरोपी महिला प्रियंका, उसकी मां सीमा और भाई सन्नी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर 17 अक्तूबर 2023 को दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक जांच अधूरी है और चालान पेश नहीं किया गया।
सिरसा के शिव नगर कंगनपुर रोड निवासी संजीव कौशल ने 13 अक्तूबर 2023 को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में याचिका दायर कर बताया कि उसकी शादी 13 अगस्त 2022 को चतरगढ़पट्टी निवासी प्रियंका के साथ हुई थी। प्रियंका की पहली शादी फरवाई कलां निवासी सुरेंद्र से हुई थी। शादी के दो माह बाद प्रियंका गर्भवती हुई।
इसके बाद सास के साथ विवाद के कारण प्रियंका मायके चली गई। कुछ समय बाद प्रियंका ने अपनी सास को फोन कर बताया कि 6 जुलाई 2023 को होली नर्सिंग होम में बच्चे की डिलीवरी हुई और उसकी मृत्यु हो गई। संजीव ने जांच की तो पता चला कि डिलीवरी सामान्य हुई थी और मां-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। संजीव ने यह भी पता लगाया कि प्रियंका ने अपनी मां और भाई के साथ मिलकर बच्चे को बेच दिया। संजीव ने 17 अगस्त 2023 को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। 13 अक्तूबर 2023 को छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।