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सेना पर गर्व...: हवा में ही कर दिए दुश्मन की मिसाइल के टुकड़े, सिरसा में लोग बोले- हमारा डिफेंस सिस्टम सक्षम

Sun, 11 May 2025 08:40 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

सिरसा एयरबेस पाकिस्तान सीमा से ज्यादा दूर नहीं है। 1965 व 1971 की जंग में सिरसा एयरबेस से मिग 21 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर स्पेशल मिशन को अंजाम दिया था। सिरसा एयरबेस से विमान टेक ऑफ करने के बाद चंद मिनट में ही पाकिस्तान के भीतर मिशन को अंजाम देकर लौटा जा सकता है।
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गांव फिरोजाबाद के खेतों में गिरी मिसाइल को देखते हुए ग्रामीण। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पाकिस्तान की ओर से शुक्रवार देर रात सिरसा एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय वायुसेना ने विफल कर दिया। पाकिस्तानी मिसाइल के टुकड़े एयरबेस से करीब दो किलोमीटर दूर खाजा खेड़ा और लगभग 18 किलोमीटर दूर रानियां में गिरे। मिसाइल के टुकड़ों को देखने के लिए शनिवार सुबह ही खाजाखेड़ा में भीड़ जुट गई। गांव के लोग भारतीय सेना के पराक्रम पर गर्व से भरे नजर आए।

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गांव के टिंका सिंह ने बताया कि रात करीब 12.18 बजे एक उड़नतश्तरी सी नजर आई और जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे आसमान ही फट गया हो। धमाके बाद चारों तरफ बारूद की गंध फैल गई। हमें नहीं पता था कि हमारे पास ही कोई मिसाइल गिरी है। उन्होंने कहा कि भारत की सेना हर तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।

यही वजह है कि पाकिस्तान अपने नापाक इरादे में कामयाब नहीं हो सका। हवा में ही उसकी मिसाइल के टुकड़े हो गए। सुनील कुमार ने बताया कि इस बात का अंदाजा पहले से था कि ऐसा हो सकती है। भारतीय सेना के पराक्रम से किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। सेना के जवानों के साथ गांव के लोगों ने मिसाइल के टुकड़ों को वाहन में भी रखवाया।
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1965 व 1971 की जंग में सिरसा एयरबेस से मिग 21 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में दिया था मिशन को अंजाम
सिरसा शहर सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय वायु सेना का सबसे अहम एयरबेस यहां स्थित है। सन 1965 व 1971 में पाकिस्तान से हुई जंग में पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने सिरसा में बमबारी की थी। उस समय सिरसा के भंभूर व कुत्ताबढ़ क्षेत्र में बम गिरे थे।

सिरसा एयरबेस पाकिस्तान सीमा से ज्यादा दूर नहीं है। 1965 व 1971 की जंग में सिरसा एयरबेस से मिग 21 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर स्पेशल मिशन को अंजाम दिया था। सिरसा एयरबेस से विमान टेक ऑफ करने के बाद चंद मिनट में ही पाकिस्तान के भीतर मिशन को अंजाम देकर लौटा जा सकता है। 1965 व 1971 की जंग में पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान सिरसा एयरबेस के विमानों ने पहुंचाया था, इसलिए यह एयरबेस पाकिस्तान के रडार पर शुरू से ही रहता है।

पिछले साल यहां से दागी गई एक मिसाइल ढाई मिनट में ही पाकिस्तान में 250 किलोमीटर अंदर जाकर गिरी थी। 1999 कारगिल युद्ध में भी सिरसा एयरबेस से विमानों ने पहाड़ियों पर बनी पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त किया था। इसके अलावा सिरसा एयरबेस राष्ट्रीय राजधानी के लिए सुरक्षा कवच जैसा है। ऐसी अनेक वजह हैं, जिस कारण सिरसा एयरबेस सामरिक दृष्टि से सबसे अहम है।

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