सिरसा। पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर मंगलवार को पुलिस लाइन में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक डॉ. मयंक गुप्ता ने की, जिन्होंने हरियाणा के वीर सपूतों सहित सभी पुलिस शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके अमर बलिदान को नमन किया।
एसपी गुप्ता ने सिरसा जिले के शहीद उप निरीक्षक हंसराज (18 जुलाई 2003 को उग्रवादियों से मुठभेड़ में शहीद) और उप निरीक्षक हरनाम सिंह (6 दिसंबर 2004 को अपराधियों से मुकाबले में शहीद) को विशेष रूप से श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को मंच पर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान एसपी डॉ मयंक गुप्ता ने कहा कि शहीदों का बलिदान पुलिस विभाग और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष मेले लगेंगे, वतन पर मरने वालों का यही निशां होगा।
शहीदों की शहादत अमर है
समारोह की शुरुआत मौन श्रद्धांजलि और शोक सलामी के साथ हुई, जिसमें जिले भर से सैकड़ों पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हुए। एसपी गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि पुलिस स्मृति दिवस त्याग, समर्पण और साहस का प्रतीक है। शहीदों की शहादत अमर है और उनका ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने बताया कि आतंकी घटनाओं, दंगों, प्राकृतिक आपदाओं या महामारी जैसे हर संकट में पुलिस सबसे पहले मोर्चा संभालती है।
हॉटस्प्रिंग घटना को भी याद किया
एसपी ने 1959 की लद्दाख के हॉटस्प्रिंग घटना को भी याद किया, जहां चीनी सेना के हमले में कई भारतीय पुलिस जवान शहीद हुए थे। इसकी स्मृति में हर साल 21 अक्तूबर को पुलिस शहीदी दिवस मनाया जाता है।
एएसपी सहित सहित सभी थाना प्रभारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एएसपी फैसल खान, डीएसपी हेड क्वार्टर आदर्शदीप, डीएसपी सिरसा राजेश कुमार, थाना प्रभारियों सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह का समापन पुलिस स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर पारंपरिक रस्मों के साथ हुआ।