सिरसा। नागरिक अस्पताल प्रशासन की शनिवार को बड़ी लापरवाही देखने को मिली। अस्पताल में रात डेढ़ बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक बिजली बाधित होने के कारण जच्चा-बच्चा वार्ड, नर्सरी और अन्य वार्डों में गर्मी के कारण दाखिल मरीज परेशान होते रहे। गर्मी से परेशान नवजात बच्चों को लेकर परिजन रातभर भवन के बाहर बैठे रहे। सुबह तक अधिकारियों की नींद नहीं खुली तो तीमारदारों ने अस्पताल का गेट बंद कर दिया। जिसके बाद अस्पताल में बिजली सप्लाई शुरू हो पाई।
नागरिक अस्पताल में आउटसोर्सिंग कर्मचारी 10 दिनों से हड़ताल पर है। लेकिन अस्पताल में इमरजेंसी व्यवस्थाओं के लिए नए कर्मचारियों को तैनात नहीं किया। शुक्रवार देर रात डेढ़ बजे फाल्ट के कारण पूरे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। जेनरेटर चलाने और फाल्ट दूर करने के लिए ड्यूटी पर कोई कर्मचारी न होने के कारण अस्पताल में भर्ती नवजात, परिजन और मरीज परेशान होने लगे। तीमारदार शिशुओं व बच्चों को इमरजेंसी भवन और अस्पताल के भवन से बाहर लेकर रातभर बैठे रहे। ऑपरेशन और डिलीवरी वाली महिलाएं बाहर न जा पाने के कारण रात भर अंदर ही परेशान होती रही। सुबह आठ बजे तक भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो परेशान होकर तीमारदारों ने अस्पताल के मुख्य गेट को बंद कर दिया। गेट बंद किए जाने का पता चलने पर अस्पताल प्रशासन की आंखें खुली। इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे बिजली सप्लाई शुरू हो पाई।
नर्सरी में भी बिजली गुल, बेंच पर बैठ बच्चों को हाथों से की रातभर हवा
नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में करीब 70 से अधिक महिलाएं दाखिल है। इनमें कई महिलाओं का ऑपरेशन से तो कई महिलाओं की सामान्य डिलीवरी हुई है। रात को बिजली बाधित होने के कारण दाखिल महिलाओं के परिजन उन्हें पूरी रात हाथों से पंखा झलते रहे। जबकि नर्सरी में दाखिल बच्चों के परिजन नवजात शिशुओं को बाहर पार्क में लेकर बैठे रहे और बिजली आने का इंतजार करते रहे।
तीमारदार बोले- ऑपरेशन रूम में फैली गंदगी, नहीं कोई व्यवस्था
नागरिक अस्पताल में अलीका की अनुबाला, राज कौर, गीता, कविता रानी ने बताया कि रात को डेढ़ बजे बिजली गुल हो गई। बिजली बंद होने के कारण अंदर गर्मी और उमस के कारण परेशान होने लग गए। रात को जन्मे बच्चों की सांसे फूलने लगी तो बच्चों को लेकर भवन के बाहर आ गए। महिलाओं को अंदर ही परेशान होना पड़ा। अस्पताल में बीते चार दिनों से समस्या झेलनी पड़ रही है। अधिकारी कोई भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। वार्ड की नर्सों को भी लाइट के बारे में शिकायत दी तो उन्होंने भी ठीक जानकारी नहीं दी। वहीं उन्होंने कहा कि अंदर भी गंदगी और सफाई न होने के कारण दुर्गंध फैल रही है। चार दिनों से सफाई न होने के कारण परेशानी झेल रहे हैं।
अस्पताल का गेट किया बंद तो बिजली सप्लाई हुई शुरू
तीमारदारों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन को वह शिकायत भी दे चुके हैं लेकिन स्थिति का समाधान नहीं हो रहा है। अंदर दाखिल मरीजों को न तो बाहर ला सकते हैं और न ही अन्य कोई सुविधा है। पूरी रात बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह लेकर घूमते रहे। आठ बजे तक भी बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उन्हें परेशान होकर गेट बंद करना पड़ा। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए और बिजली सप्लाई शुरू की है।
पहले भी बिजली सप्लाई हो चुकी है बाधित
अस्पताल में पहले भी कई बार बिजली गुल होने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ चुका है। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई। दो दिन पहले भी अस्पताल में दोपहर के समय बिजली गुल हो गई। जबकि विभाग ने बड़ा जेनरेटर रखा हुआ है लेकिन कर्मचारी न होने के कारण उसे भी शुरू नहीं किया जाता।
लाइन में खराबी होने के कारण अस्पताल में बिजली बाधित रही। बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद मरीजों के तीमारदारों ने गेट खोल दिया था। स्थिति सामान्य है। ठेकेदार को भी जेनरेटर पर कर्मचारी तैनात किए जाने के निर्देश दे दिए हैं।
-डॉ. संदीप गुप्ता, चिकित्सक अधीक्षक, नागरिक अस्पताल सिरसा
नागरिक अस्पताल का गेट बंद कर रोष प्रकट करते मरीजों के तीमारदा- फोटो : Sirsa
आपातकालीन भवन के बाहर नवजात को लेकर बैठी महिलाएं - फोटो : Sirsa
भवन के बाहर नवजात को लेकर बैठी महिलाएं - फोटो : Sirsa