सिरसा। शहर में बिजली के खंभों पर लगे दूसरे विभागों और निजी केबल ऑपरेटरों की ओर से बांधी गई तार को बिजली निगम की ओर काटने की प्रक्रिया शुरू की गई। क्योंकि इन तार के कारण बिजली मीटरों में आग लगने की आशंका रहती थी। वहीं तार काटे जाने से शहर में बीएसएनएल से लेकर अन्य निजी इंटरनेट सेवाओं बाधित हो गई।
तार काटे जाने अकेले बीएसएनएल व निजी कंपनियों की फाइबर केबल से सुविधा पाने वाले सात हजार के करीब उपभोक्ता प्रभावित हुए। बीएसएनएल के जेटीओ विक्रांत कुमार ने बताया कि शहरी व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में बीएसएनएल की ओर से फाइबर कनेक्शन दिए जाते हैं। ग्रामीण एरिया में फाइबर कनेक्शन की संख्या ज्यादा है। बीएसएनएल के शहरी क्षेत्र में मात्र 1800 कनेक्शन है, जबकि निजी कंपनियों के पांच हजार से ज्यादा कनेक्शन हैं।
शहर में कई स्थानों पर हो चुके हैं हादसे
शहर में बिजली के खंभों पर तार का जंजाल बना हुआ है। बिजली मीटरों में लोड के कारण चिंगारी निकलने पर यह तार आग पकड़ लेती हैं, जिसके कारण हादसे हो जाते हैं। दो सप्ताह पहले हिसारिया बाजार व उससे पहले अग्रवाल कॉलोनी में बिजली के मीटरों में इन केबल के कारण आग लग गई थी। बिजली निगम की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए लाइन बंद करके व्यवस्था को संभालने का कार्य किया गया।
नहीं होती है अनुमति
शहर में बिजली के खंभों पर होने वाली इंटरनेट फाइबर केबल लगाने को लेकर कोई अनुमति निगम से नहीं ली जाती है। नियमानुसार शहर में नगर परिषद से अनुमति लेकर अलग से फाइबर केबल के लिए पोल लगाने होते हैं, लेकिन ऐसा कोई कंपनी नहीं करती है, क्योंकि उसके लिए नगर परिषद से अनुमति लेकर पैसा जमा करवाना पड़ता है। जो कि कोई एजेंसी जमा नहीं करवाना चाहती है।
खंभों पर इंटरनेट कनेक्शन की तार लगाने को लेकर बिजली निगम से कोई अनुमति नहीं लेता है। इन तार के अवैध रूप से खंभों पर लगा दिया जाता है। इनके कारण बिजली के मीटरों के जलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके बाद विभाग की ओर से इन केबल को हटाने का कार्य जारी है। जिससे हादसों को टाला जा सके।
-अमित कुमार, एसडीओ, सिटी सब डिविजन