निजीकरण और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त साझा संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को नाथूसरी सब डिवीजन में बिजली कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएसईबी सब यूनिट के प्रधान राकेश जांगड़ा और एएचपीसी के प्रधान खुशी राम ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सब यूनिट सचिव सुनील जाखड़ और विजेंद्र ने किया। प्रदर्शन में एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के अर्धशहरी मंडल सचिव सतबीर सिंह और एएचपीसी के कैशियर शीशपाल भी मौजूद रहे।
अर्धशहरी मंडल सचिव सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार नूंह-मेवात की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने इन क्षेत्रों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व में संयुक्त संघर्ष मोर्चे की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बिजली मंत्री के माध्यम से यह आश्वासन दिया था कि किसी भी क्षेत्र को निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण की कोशिश नहीं रोकी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
एएचपीसी के कैशियर शीशपाल ने कहा कि ऑनलाइन स्थानांतरण नीति और एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया गया है। बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं इसलिए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
राकेश जांगड़ा और विजेंद्र ने एचकेआरएन कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की।
समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में कर्मचारियों ने जलाया प्रस्ताव
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संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कार्यालय रानियां परिसर में सोमवार को संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर निगम कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में समानांतर बिजली वितरण व्यवस्था के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। कर्मचारियों ने प्रस्ताव की प्रतियां जलाकर सरकार के फैसले के प्रति नाराजगी जताई।
कर्मचारियों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के समक्ष आवाज उठा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करके उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रदर्शन में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन, हरियाणा पावर हेड ऑफिस भिवानी, पावर इंजीनियरिंग सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
डबवाली में भी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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डबवाली। संयुक्त एक्शन कमेटी के आह्वान पर सोमवार को पूरे हरियाणा में सब यूनिट स्तर पर बिजली कर्मचारियों ने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में दो घंटे का धरना-प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में डबवाली में भी बिजली कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और समानांतर लाइसेंस की प्रतियां जलाकर सरकार के फैसले के खिलाफ रोष जताया।
डबवाली में आयोजित धरना-प्रदर्शन की अगुवाई एचएसईबी यूनियन के सब यूनिट प्रधान रविंद्र मोटन और सचिव सिमर बराड़ ने की। वहीं, एएचपीसीडब्लू यूनियन की ओर से सब यूनिट प्रधान राजकरण तथा सचिव सतनाम सिंह ने कर्मचारियों का नेतृत्व किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को समानांतर वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया सार्वजनिक बिजली व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल बिजली कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे बल्कि भविष्य में आम उपभोक्ताओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
प्रदर्शन में वरिष्ठ साथी मनोज शर्मा, संजय तनेजा, सुरेश कड़वासरा, उमेश, चरणदीप, दयाराम, सुनील, सतीश और नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सरकार को इस दिशा में आगे बढ़ने से