संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने निजी बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया का विरोध किया है। मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पदाधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस मिलने पर प्रदेशभर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
मोर्चा ने विद्युत नियामक आयोग की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट रद्द करने की मांग की है। प्रवक्ता रविंद्र घनघस, एसडीओ विकास ठकराल, वीरेंद्र मलिक और राजेश मदेरणा ने यह जानकारी दी। एक निजी कंपनी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण लाइसेंस मांग रही है।
उनका आरोप है कि निजी कंपनी केवल बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को चुनेगी। इससे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के राजस्व पर असर पड़ेगा। मोर्चा ने लाइसेंस नियमों में न्यूनतम तीन राजस्व जिलों की शर्त का हवाला दिया। प्रस्तावित क्षेत्र में केवल दो जिले शामिल हैं।
उपभोक्ताओं के हितों की चिंता
पदाधिकारियों ने कंपनी की पूंजी, सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र, तकनीकी लाइसेंस और प्रस्तावित निवेश पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि गुरुग्राम और नूंह में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन के लिए बड़ी राशि चाहिए। जबकि कंपनी की पांच साल की निवेश योजना काफी कम है, यह ''चेरी पिकिंग'' है। देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह लड़ाई आम उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ी है। मोर्चा जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा।