ीसी दफ्तर के आगे धरने पर बैठे विद्यार्थियों से बात करती विभागाध्यक्ष निवेदित्ता ।
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के बीएड विभाग के छात्रों ने वीसी दफ्तर के आगे दो घंटे प्रदर्शन किया। छात्र दिशा छात्र संगठन के नेतृत्व में इकट्ठे हुए। मंगलवार को एजुकेशन विभाग के विद्यार्थी यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ पंजाबी विषय को शुरू ना करने को लेकर इकट्ठे हुए और एजुकेशन विभाग में पंजाबी पढ़ाए जाने की मांग की।
धरने पर बैठे मिंटू, हरजिंदर, जसविंद्र, रचना, रूही, जसप्रीत, बलजीत, कुलदीप व शैंकी ने बताया कि विद्यार्थी बीएड में पंजाबी विषय से पढ़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें पंजाबी विषय ना पढ़ाकर अन्य विषय पढ़ाए जा रहे हैं। दाखिला लेते समय प्रशासन का कहना था कि पंजाबी विषय शुरू कर दिया जाएगा। परंतु अब यूनिवर्सिटी प्रशासन लगातार इससे आनाकानी कर रहा है जबकि सत्र खत्म होने को है। बीएड में पंजाबी विषय शुरू न होने की वजह से छात्रों को अन्य विषय पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पंजाबी विषय को शुरू करवाने के लिए 5 मार्च 2019 को वीसी को लिखित में पत्र दे चुके हैं परंतु कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जा रहा।
धरने की सूचना मिलने पर डीएन अकेडमिक अफेयर राजकुमार सिवाच व बीएड की चेयरपर्सन डॉ. निवेदिता पहुंची। विद्यार्थियों का कहना था कि दाखिला लेते समय पंजाबी विषय को पढ़ाए जाने की बात कही गई थी। डॉ. निवेदिता ने कहा कि ऑनलाइन नोटिफिकेशन जारी किया गया था जिसमें पंजाबी विषय का लेक्चरर न होने के कारण पंजाबी विषय को न पढ़ाने की बात कही गई थी। पंजाबी विषय का लेक्चरर नहीं है। डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. राजकुमार सिवाच ने छात्रों से कहा कि वे पहली कक्षा से हिंदी विषय पढ़ते आ रहे हैं। अब क्यों नहीं पढ़ सकते। इस पर छात्रों ने पलट कर जवाब देते हुए कहा कि हम पहली कक्षा से तो पंजाबी भी पढ़ते आ रहे हैं, तो पंजाबी विषय क्यों नहीं पढ़ाया जा सकता। दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई। दिशा छात्र संगठन के कुलविंदर ने बताया कि जब किसी निजी संस्थान में बीएड में पंजाबी विषय हो सकता है तो सरकारी संस्था में क्यों नहीं। डॉ. निवेदिता ने विद्यार्थियों से कहा कि वे पंजाबी को अतिरिक्त विषय के तौर पर पढ़ने के लिए वे लिखित में पत्र दें, हाई अॅथारिटी के पास भेज दूंगी। अतिरिक्त विषय पढ़ने से आपका ही फायदा है। इसी आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त किया।