जिले के एक गांव में एक क्लब के प्रधान व उनके परिजनों ने तीन पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना और बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगाए है। इसको लेकर प्रधान के परिवार के लोग शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने चोपटा थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। एसपी मंयक गुप्ता ने शिकायत लेने के उपरांत आश्वासन दिया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी । डीएसपी इस मामले की जांच करेंगे।
क्लब प्रधान के परिवार के लोगों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शनिवार को एक घंटे तक प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रधान को झूठे केस में फंसाया गया है। प्रधान की पत्नी ने बताया कि पुलिस रात को 12 बजे आई और उसके पति को उठाकर ले गई। उसके साथ बहुत बदतमीजी की। जब उसने पति को छुड़वाने की कोशिश की तो उसे भी मारपीट कर गाड़ी में डालकर ले गए। उसके साथ गाड़ी में भी बहुत गलत काम किया और उसे जातिसूचक गाली-गलौज भी किया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों ने उसके साथ गलत काम करने की भी कोशिश की। आरोप है कि उस समय तीन पुलिसकर्मी थे और तीनों शराब के नशे में थे। महिला ने इसकी जांच कराने की मांग की।
ये है मामला
सिरसा जिले के एक गांव में रहने वाले प्रधान के पड़ोस में दो परिवारों में नशे को लेकर झगड़ा हो रखा था। प्रधान भी वहां चला गया। उसमें से एक उनका परिवार था। इसके बाद उसी पर नशा बेचने का आरोप लगा दिया और बोले कि प्रधानगी करता है। उसी रात तीन पुलिसकर्मी उसके घर पर आए और जबरदस्ती उसे उठा ले गए। गाड़ी में उसके साथ गलत काम करने की भी कोशिश की। उस समय शिकायत करने वाला भी गाड़ी में था, उसे भी पीट रहे थे। प्रधान ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उसे उलटा पटककर बेल्ट से पीटा। दूसरे पुलिसकर्मी ने जूते से गर्दन दबा ली। उसने उनके सामने हाथ जोड़े, पर नहीं छोड़ा। रात को ढाई बजे परिवार वाले थाने में पहुंचे और उसे छुड़वाया।
थाना प्रभारी बोले- हमारे पास कोई शिकायत नहीं आई
नाथूसरी चोपटा थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर राजकुमार का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। ड्यूटी तो करनी पड़ती है। थाने में भी कैमरे लगे हैं। यह आरोप बेबुनियाद है। हमारे पास इसकी कोई शिकायत भी नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो जांच की जाएगी।