सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) की अंशकालिक महिला प्रोफेसर ने विधि संकाय के विभागाध्यक्ष पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। वहीं, विद्यार्थियों ने राज्यपाल और कुलपति को शिकायत भेजकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने डीएसपी अरशदीप सिंह को मामले की जांच सौंपी है। वहीं, विधि संकाय के विभागाध्यक्ष अशोक मक्कड़ ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं।
डीएसपी ने पीड़ित पक्ष को शनिवार को मामले की जानकारी देने के लिए बुलाया है। हालांकि महिला प्रोफेसर की तरफ से उनके पति पुलिस के समक्ष पेश होकर सारा मामला रखेंगे। क्योंकि गर्भवती महिला प्रोफेसर को चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है। इस मामले में विद्यार्थियों ने भी अपनी शिकायत दी है। इसके माध्यम से उन्होंने बताया कि पहले भी विभागाध्यक्ष कई मामलों में विवादों में रहे हैं। इसके बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उनकी मांग है कि विभागाध्यक्ष को पद से हटाया जाए, ताकि वह जांच प्रभावित न कर सके।
आरोप है कि विभागाध्यक्ष पिछले दो साल से महिला प्रोफेसर को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सीडीएलयू में 19 अप्रैल को छात्रों ने विदाई पार्टी प्रस्तावित की, जिस पर अध्यक्ष ने रोक लगा दी। एक दिव्यांग छात्र का पत्र अस्वीकार कर वह अभद्र व्यवहार तक कर चुके हैं। एसपी को दी शिकायत में महिला प्रोफेसर ने अध्यक्ष के खिलाफ 22 बिंदुओं पर आधारित आरोप लगाए हैं। इस शिकायत में महिला प्रोफेसर ने बताया कि वह आठ माह की गर्भवती हैं। इस मामले में पीड़िता के पति प्रो. राकेश सैनी ने बताया कि डीएसपी ने शनिवार को बुलाया है। उनके समक्ष सारी बात रखी जाएगी।