पुरानी सीमेंट पाइपलाइन में पेड़ों की जड़ों से आई रुकावट, जलघर की डिग्गियां सूखीं
फोटो 21
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के गांव बुढ़ाभाणा में कई दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है। गांव के जलघर की दोनों डिगियां खाली हैं। इससे करीब 2500 की आबादी को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन बदलकर ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। ग्राम पंचायत ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को डीआई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव भेजा है।
गांव निवासी सुनील कम्बोज, नंदलाल हुड्डा, बलबीर सिंह, जगसीर सिंह और सुभाष सहारण ने बताया कि बुढ़ाभाणा के जलघर में पानी गांव बप्पा के पास से गुजरने वाली रोड़ी ब्रांच नहर से आता है। यह पाइपलाइन कई वर्ष पहले सीमेंट की 12 इंच चौड़ी पाइपों से डाली गई थी। अब यह पाइपलाइन ही परेशानी का कारण बन गई है।
पाइपलाइन में रुकावट
ग्रामीणों के अनुसार, गांव बप्पा से बुढ़ाभाणा तक सड़क निर्माण के दौरान पौधरोपण किया गया था। ये पौधे बड़े पेड़ों में बदल गए और उनकी जड़ें पाइपलाइन तक पहुंच गईं। जड़ों के कारण कई स्थानों पर पाइपलाइन जाम हो गई है। इससे नहर से जलघर तक पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्राम पंचायत ने एक नलकूप भी लगवाया, पर भूजल खारा होने से पानी पीने योग्य नहीं निकला। ग्रामीणों को निजी साधनों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है।
जलघर और पंचायत का प्रस्ताव
गांव का जलघर वर्ष 2002 में करीब 40 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बनाया गया था। करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि में बने इस जलघर का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किया था। जलघर की दो डिगियों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति होती थी पर अब पुरानी पाइपलाइन खराब होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित है। ग्राम पंचायत ने विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है। पंचायत ने पुरानी सीमेंट पाइपलाइन हटाकर डीआई पाइपलाइन लगाने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि डीआई पाइपलाइन मजबूत और टिकाऊ होती है, जिससे भविष्य में पेड़ों की जड़ों सहित अन्य समस्याओं से बचा जा सकेगा। ग्रामीणों ने विभाग से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।