संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में पेयजल संकट जल्द खत्म होने की उम्मीद है। पंजाब की ओर से शुक्रवार को नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, जो शनिवार तक सिरसा की नहरों में पहुंच जाएगा। अभी तक पानी की उपलब्धता कितनी होगी, यह तय नहीं है।
पहले सात दिन नहरों में चलने वाला पानी मुख्य रूप से जलघरों के टैंक भरने के लिए होगा। इसके बाद ही सिंचाई के लिए पानी देने पर विचार किया जाएगा।
नहरबंदी के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में गहराया जल संकट अब धीरे-धीरे दूर होने की दिशा में है। फिलहाल, जलघरों के टैंक पूरी तरह खाली हो चुके हैं और लोगों को पीने के पानी के लिए वाटर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
चतरगढ़पट्टी जलघर के पांचों टैंक पूरी तरह खाली हैं। पंजुआना से आने वाला पानी भी जरूरत से बेहद कम मात्रा में मिल रहा है। शहर के मुख्य जलघर (मिनी बाईपास) के टैंक में केवल दो फीट पानी बचा है। वीरवार को पंजाब सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। इसमें सिरसा के लिए पंजाब से 2700 क्यूसेक नहरी पानी की मांग की गई। निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को पानी छोड़ा जाएगा, जो शनिवार तक सिरसा की नहरों में पहुंच सकता है।
जलापूर्ति की स्थिति
चतरगढ़पट्टी के पांचों टैंक खाली पड़े हैं। पंजुआना से चतरगढ़पट्टी, जैन पार्क और हाथी पार्क के पास बने बूस्टरों तक पानी पहुंचाया जाता है, जिसके बाद नहरी पानी की आपूर्ति होती है। नहरी पानी की कमी को देखते हुए ट्यूबवेल का पानी भी सप्लाई में जोड़ा गया है। देवीलाल पार्क के पास बने मुख्य जलघर के दोनों टैंकों में मात्र दो फीट पानी शेष है।
शुक्रवार को सिरसा को लेकर नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, जो शनिवार को पहुंचेगा। अभी तक पंजाब से पानी की उपलब्धता कितनी होगी यह तय नहीं है। पहले सात दिन नहरों में चलने वाला पानी मुख्य रूप से जन स्वास्थ्य विभाग के पानी के टैंक भरने के लिए होगा। उसके बाद ही सिंचाई के लिए पानी देने पर विचार किया जाएगा। -पवन भारद्वाज, एसई, सिंचाई विभाग, सिरसा।