सिरसा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से पिछले आठ माह से बरसाती नालों की मरम्मत का कार्य जारी है। एजेंसी को पांच करोड़ रुपये में यह टेंडर दिया गया है। इस टेंडर में बड़े स्तर पर एजेंसी ने लापरवाही बरती है। यही लापरवाही बारिश के दिनों में हादसों का कारण बन सकती है। कारण यह कि बरसाती नाले को इतनी लापरवाही से बनाया गया है कि अप्रैल माह में हुई बारिश से ही सड़क बरसाती नालों के पास से धंसने लगी है।
पुराने बरसाती नाले को तोड़ा नहीं गया है। जगह-जगह से वह खुला पड़ा है। सरिया निकली है। इससे कभी भी वाहन चालक हादसों के शिकार हो सकते हैं। अहम बात यह है कि नेशनल हाईवे से शहर को जोड़ने वाले मुख्य मोड़ पर यह बरसाती नाला बना हुआ है। बरसाती नालों को दुरुस्त करवाने और बेहतर तरीके से बनाने के लिए दो बार दिशा की बैठक में सांसद कुमारी सैलजा अधिकारियों को आदेश दे चुकी हैं। उसके बाद भी शहरी क्षेत्र में पड़ने वाले इस बरसाती नाले के हालात बदतर हैं।
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बरसाती नाले के साथ-साथ लोगों ने मलबा डालकर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, गलत दिशा में लोग अतिक्रमण करने के साथ निर्माण कार्य भी शुरू कर चुके हैं। इसको लेकर डीटीपी विभाग से भूमि उपयोग परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज) लेना अनिवार्य होता है।
कुछ लोगों ने खेतों से सीधा मुख्य रोड का रास्ता बना लिया है। इसके गलत दिशा में होने के कारण रात में हादसों का डर रहता है। इस कारण बरसाती नालों की स्थिति खराब हो गई है। बरसाती पानी सड़क पर जमा होने से सड़क जगह-जगह से टूट गई है। टूटे सड़क के हिस्से को आजतक नहीं बनाया गया है।