सिरसा से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने ड्रेनेज का टूटा लेंटर, ड्रेनेज में गिरा मलबा।
सिरसा। शहर से निकलने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-9) के हालात खराब होते जा रहे हैं। बारिश के पानी की निकासी के लिए इसके किनारे बनाए गए नाले जर्जर हो चुके हैं, इनकी सफाई भी नहीं हुई है। कई जगह झाड़ियों और घास ने इन नालों को ढक दिया है। इनमें पानी जाने के लिए छोड़ी गई जगह भी गाद से भर गई है। इस कारण बरसात में जलभराव होने और फ्लाईओवर से बहकर आने वाला पानी सर्विस रोड पर रुक जाता है। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है।
डबवाली से सिरसा, फतेहाबाद होकर दिल्ली से जुड़ा फोरलेन एनएच-9 वर्ष 2016 में बनकर तैयार हुआ था। इस हाईवे के निर्माण के दौरान बारिश के पानी की निकासी के लिए इसके किनारे भूमिगत नाली बनाई गई है। इसे कई जगह खुला छोड़ा गया है ताकि बारिश का पानी खुली जगह से नाली में जाकर नालों में पहुंच जाए और सड़क पर जलभराव न हो, लेकिन अब यह नाले गाद और मिट्टी से भर गए हैं। कई जगह पर इनकी छत टूटकर नालियों में अटकी है। इससे भी नालियों में पानी का बहाव बाधित होगा। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) नालियों को नहीं सुधार रहा है।
फोरलेन हाईवे के किनारे रात को नहीं जल रही स्ट्रीट लाइट
एनएच-9 के किनारे स्थित गांवों और रास्ते में आने वाले कस्बों पर एनएचएआई की ओर से स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं, लेकिन रात के समय यह बंद रहती हैं। डिंग रोड पर बनी स्ट्रीट लाइटें पिछले डेढ़ माह से खराब हो चुकी हैं जबकि इस रोड पर दोपहिया वाहन चालकों सहित चार पहिया और बड़े वाहन दिन-रात गुजरते हैं, जिस कारण रात के अंधेरे में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
एनएच-9 पर वाहनों का आवागमन बेहतर करने को हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जलनिकासी के लिए नाले बनाए गए हैं, अगर कहीं दिक्कत है तो उसे ठीक करवा दिया जाएगा। जो स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उनको भी ठीक करवा दिया जाएगा।
-विपिन मंगला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, सिरसा।