सिरसा। फाइनेंसर से व्हाट्सएप कॉल करके 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी डॉक्टर संजीव कौशल को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली है। आरोपी डॉक्टर इस समय चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल हैं। उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में याचिका दायर कर अंतरिम जमानत मांगी थी।
याचिका में आरोपी डॉक्टर ने न्यायालय को बताया था कि उसकी जीभ के दाहिने किनारे पर ऐसा अल्सर है, जोकि ठीक नहीं हो रहा। गंभीर दर्द होता है, जो कैंसर के संकेत हैं। उपचार में देरी हुई तो कैंसर फैलने के साथ शरीर के अन्य भागों में मेटास्टेसिस हो सकता है, जिससे उसकी जीवन को खतरा हो सकता है। न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा को अधिवक्ता ने बताया कि डॉ. संजीव कौशल को 22 दिसंबर 2024 को शहर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। याचिकाकर्ता वृद्ध व्यक्ति है और अस्थमा और अनिद्रा की समस्या उसे है। इसलिए उसे अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। अदालत ने डॉक्टर को अंतरिम जमानत देने से इन्कार कर दिया।