डबवाली।लायंस क्लब सुप्रीम के अध्यक्ष एवं प्रगतिशील किसान आशीष मेहता किसानों को जागरूक करते हुए।
डबवाली। लायंस क्लब सुप्रीम के अध्यक्ष एवं प्रगतिशील किसान आशीष मेहता ने रविवार को सुखेराखेड़ा फार्म हाउस पर पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पराली जलाना केवल पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरता, जैविक संतुलन और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत हानिकारक है। पराली जलाने से मिट्टी की गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
मेहता ने बताया कि जब किसान पराली जलाते हैं तो मिट्टी के महत्वपूर्ण पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर नष्ट हो जाते हैं। मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्म जीवाणु और केंचुए, जो मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाते हैं, वे भी मर जाते हैं इससे मिट्टी की जैविक उर्वरता कम हो जाती है और आने वाली फसलों की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से उत्पन्न धुआं व प्रदूषण आस-पास के इलाकों में स्मॉग और श्वसन रोगों का कारण बनता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस हानिकारक प्रक्रिया को छोड़कर वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं।
इन-सीटू प्रबंधन तकनीक से करवाया अवगत
आशीष मेहता ने किसानों को बताया कि पराली का सबसे प्रभावी और पर्यावरण-हितैषी समाधान इन-सीटू प्रबंधन तकनीक है, जिसमें पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाया जाता है। इससे न केवल मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ता है बल्कि मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा पराली मिट्टी की शक्ति बढ़ाने का साधन है, न कि बोझ। हमें इसे जलाने के बजाय खेत का पोषण बनाने के रूप में उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा मेहता ने किसानों को हैप्पी सीडर मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह मशीन धान की पराली के ऊपर सीधे गेहूं या अन्य फसल की बुवाई करने में सक्षम है।
आधुनिक कृषि यंत्रों की भूमिका और सरकारी सहायता
उन्होंने बताया कि किसानों के लिए अब कई आधुनिक यंत्र उपलब्ध हैं जैसे सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, मल्चर, रोटावेटर और स्ट्रॉ चॉपर, जो फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाने में मदद करते हैं। मेहता ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र एवं राज्य सरकारें इन यंत्रों पर किसानों 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान कर रही हैं।