संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दिव्यांग विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेटरों का परिणाम घोषित किया है। प्रदेशभर में 297 शिक्षकों की भर्ती की गई है। सिरसा जिले को 42 स्पेशल एजुकेटर मिले हैं। स्पेशल एजुकेटरों की ज्वाइनिंग होने के बाद वे जिले के 1991 दिव्यांगजनों को स्पेशल शिक्षा प्राप्त करवाएंगे।
समग्र शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को इसका परिणाम घोषित किया गया है। इसमें 42 स्पेशल एजुकेटरों ने परीक्षा पास की है। बता दें कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से स्पेशल शिक्षकों की भर्ती लंबित पड़ी थी। इसके बाद विकलांग संघ उमंग की ओर से निरंतर पदों पर भर्ती करने की मांग उठाई जा रही थी। भर्ती करवाने के लिए संघ ने डेढ़ साल पहले कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी। दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय के आदेश पर शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों पर भर्ती करने के लिए कॉन्ट्रेक्ट बेस पर भर्तियां निकालीं। इसका अब परिणाम जारी हुआ है।
प्रत्येक स्कूल में 6 एजुकेटर होंगे नियुक्त
जिले में सात आईईडी (इंटीग्रेटेड एजुकेशन डिसेबल्ड) स्कूल बनाए गए हैं। दिव्यांग विद्यार्थियों की स्कूल में तीन प्रकार की श्रेणी होती है, अस्थी बाधित श्रेणी, दृष्टिहीन श्रेणी, श्रवण बाधित श्रेणी। प्रत्येक श्रेणी में दो एजुकेटर यानी तीन विषयों में 6 एजुकेटर नियुक्त किए जाएंगे। जिले के 7 स्कूल में 42 स्पेशल एजुकेटर नियुक्त किए जाने हैं।
1991 दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
जिले के राजकीय स्कूलों में 1991 दिव्यांग विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते है। इन स्पेशल एजुकेटर के माध्यम से इन विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। पहले इन दिव्यांग विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षक ही शिक्षा देते आ रहे हैं।
वर्जन
विकलांग संघ उमंग कई सालों से स्पेशल शिक्षकों की भर्ती करवाने के लिए संघर्ष कर रही है। अब स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्थायी रूप से शिक्षकों की भर्ती के लिए संघर्ष जारी रहेगा। - सुभाष कुलरिया, स्टेट कोऑडिनेटर, उमंग।