संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा के महानिदेशक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रभजोत सिंह वीरवार को राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान सिरसा के निरीक्षण पर पहुंचे। महानिदेशक ने कार्यशाला, पुस्तकालय, मैकेनिकल ब्लॉक, सिविल ब्लॉक, एग्रीकल्चर ब्लॉक, एडुसेट रूम और कंप्यूटर लैब का दौरा किया। उन्होंने संस्थान की सफाई व्यवस्था और छात्रों को मिल रही सुविधाओं की भी गहनता से जांच की।
महानिदेशक ने खुद वाटर कूलर से पानी पीकर उसकी गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने शौचालयों का भी निरीक्षण किया और सफाई को लेकर असंतोष जताते हुए प्राचार्य को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था और बेहतर की जाए। उन्होंने कहा कि यदि फंड की कमी है तो तकनीकी शिक्षा विभाग पत्राचार के माध्यम से सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले संस्थान पहुंचने पर प्राचार्य राजेंद्र कुमार जिंदल और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मनु लाल, बलविंदर कम्बोज, देवेंद्र कुमार, विक्रम सांवल, राजेंद्र झोरड़, मोहित कुमार, टीपीओ डॉ. संजीव कुमार टुटेजा, अभय तिवारी और गोबिंद कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
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छात्रों से की बातचीत, भोजन की गुणवत्ता पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से भोजन की गुणवत्ता को लेकर बातचीत की। छात्रों ने खाने की गुणवत्ता सुधारने की मांग रखी, जिस पर उन्होंने मेस की व्यवस्था में तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
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भवन की हालत पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के बाद महानिदेशक ने संस्थान के भवन की खस्ताहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। इस पर प्राचार्य ने उन्हें अवगत कराया कि नई बिल्डिंग के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने जल्द से जल्द कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए।
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लैब में नहीं होनी चाहिए कमी, छात्रों को मिले उत्कृष्ट प्रशिक्षण
महानिदेशक ने कंप्यूटर व हार्डवेयर लैब का भी निरीक्षण किया और सभी कंप्यूटरों को खुद चलवाकर जांच की। उन्होंने कहा कि लैब में आधुनिक व अपडेटेड सॉफ्टवेयर मौजूद होने चाहिए। यदि किसी प्रकार की संसाधनों की कमी है तो उसकी मांग विभाग से की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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छात्रों से किया संवाद, भविष्य की राह दिखाई
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने छात्रों से सीधा संवाद करते हुए उनके करियर से जुड़ी योजनाओं के बारे में जाना। उन्होंने पूछा कि वे डिप्लोमा के बाद उच्च शिक्षा में जाना चाहते हैं या नौकरी करना। अधिकतर छात्रों ने नौकरी में रुचि दिखाई। इस पर महानिदेशक ने उन्हें मेहनत, लगन और अनुशासन से सफलता पाने के गुर बताए। उन्होंने विभिन्न ट्रेडों की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी।