घुक्कांवाली में डेरा प्रेमियों और सिखों के बीच जुलाई 2008 में हुई हिंसक झड़प के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय की अदालत ने सोमवार को आरोपी सिखों व डेरा प्रेमियों को बरी कर दिया। सुबह नौ बजे जब अदालत की कार्यवाही शुरू हुई तो दोनों पक्षों के काफी संख्या में लोग अदालत के बाहर व परिसर में जमा थे।
सुरक्षा की दृष्टि से तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात कर भारी पुलिस बल जगह-जगह मौजूद था। सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर न्यायाधीश संगीता राय की अदालत में आरोपी कटघरे में खडे़ हो गए। अदालत ने दोनों पक्षों के आरोपियों को बरी कर दिया।
ये हुआ था 19 जुलाई 2008 को
वर्ष 2007 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने पंजाब स्थित सलाबतपुरा डेरा में सिखाें के गुरु श्री गोबिंद सिंह जी जैसी पोशाक डालकर पंज प्यारों की भांति डेरा प्रेमियों को शरबत पिलाया था। इससे सिख समुदाय डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ हो गया।
19 जुलाई 2008 को गांव घुक्कांवाली में डेरा प्रेमियों द्वारा नाम चर्चा किए जाने की सूचना सिखों को मिली तो दोनों पक्षों में हिंसक झड़प शुरू हो गई। भारी पुलिस बल ने आंसू गैस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों को तितर-बितर किया।
इनको किया अदालत ने बरी
ओढां थाना पुलिस ने डेरा प्रेमी धर्मेेंद्र इंसां की शिकायत पर सिखों के खिलाफ जानलेवा हमला करने सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने सिख समुदाय के गांव घुक्कांवाली निवासी गुरदीप सिंह, गुरचरण, लखबीर सिंह, गुरचरण सिंह, दर्शन सिंह, हरनेक सिंह, जसकरण सिंह, सुखदेव सिंह, मेवा सिंह, जगरूप सिंह, जसकरण सिंह, भोला सिंह, मनोज, सूरत, जगतार सिंह, गुरदीप सिंह, जगराज सिंह, भगवान दास व हरबंस सिंह को आरोपी बनाया। एडीजे संगीता राय ने उक्त सभी आरोपियाें को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।