सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सुनारिया जेल प्रशासन ने वीरवार को 30 दिन की पैरोल दे दी है। जेल प्रशासन ने डेरा मुखी को यह पैरोल 21 जुलाई से 19 अगस्त तक 10 शर्तों के साथ दी है। इन शर्तों के मुताबिक डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम यूपी के बरवाना आश्रम डेरा सच्चा सौदा में रहेगा। ऐसे में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पांच साल बाद 15 अगस्त को अपना जन्मदिन अपने अनुयायियों के साथ मना सकेंगे।
डेरा मुखी बागपत जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी अन्य स्थान पर नहीं जाएगा। उसे पैरोल अवधि के दौरान शांति बनाए बनाए रखने के अलावा अपना व्यवहार अच्छा रखना होगा। इलाका पुलिस थाना प्रभारी डेरा मुखी गुरमीत सिंह के आचरण और गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगे और जिला उपायुक्त या पुलिस अधीक्षक के माध्यम से अधीक्षक जेल को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच सुनारिया जेल से बरवाना आश्रम में ले जाया जाएगा।
बता दें कि यौन शोषण व हत्या की साजिश रचने के मामले में अगस्त 2017 से सुनारिया जेल में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को पहली बार 24 अक्टूबर 2020 को एक दिन की पैरोल मिली थी। जेल में तीन साल सजा काटने के बाद बीमार मां नसीब कौर से मिलने के लिए यह पैरोल दी गई थी। इसके बाद डेरा प्रमुख को दूसरी बार 21 मई 2021 पैरोल मिली, तीसरी बार 7 फरवरी 2022 को राम रहीम को 21 दिनों की पैरोल दी गई थी। चौथी बार जून 2022 को डेरा प्रमुख को एक महीने की पैरोल दी गई। पांचवीं पैरोल 14 अक्टूबर 2022 को 40 दिनों की मिली। इस साल छठीं बार 21 जनवरी को 2023 डेरा प्रमुख को 40 दिन की पैरोल मिली थी। अब सातवीं पैरोल पर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 15 अगस्त को अपना जन्मदिन अपने अनुयायियों के साथ मना सकेंगे। ऐसा जेल में सजा काटते पांच साल बाद होने जा रहा है।
हर बार रहती है सिरसा आने की चाहत
हर बार पैरोल का आवेदन जेल प्रशासन को देने के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की इच्छा होती है कि वे सिरसा डेरा मुख्यालय आ सके। हर बार सिरसा जिला प्रशासन अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कहता है कि डेरा मुख्य के सिरसा मुख्यालय आने पर सुरक्षा संबंधित दिक्कत आ सकती है।
पहली बार मां ने 2019 में खटखटाया था हाईकोर्ट का द्वार
अगस्त 2017 से जेल में कैद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम लंबे समय से पैरोल पाने की कोशिश कर रहा था। डेरा प्रमुख ने अपनी पालक बेटी की शादी में भाग लेने और बीमार मां से मिलने के लिए और खेती के लिए पैरोल की मांग की थी। अगस्त 2019 में उनकी पत्नी हरजीत कौर ने डेरा प्रमुख की पैरोल के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पैरोल नहीं मिली। गुरमीत को जिन दो मामलों में दोषी ठहराया गया था, उनमें अभियोजन एजेंसी ने पैरोल पर कड़ी आपत्ति दर्ज की थी।
बुलेट प्रूफ है डेरा प्रमुख का बैरक
जेल में डेरा प्रमुख को कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्हें ऐसे बैरक में रखा जाता है जो किसी किले से कम नहीं है। बैरक न केवल बुलेट-प्रूफ है, बल्कि डेरा प्रमुख पर विशेष रूप से प्रतिनियुक्त जेल अधीक्षक की भी लगातार निगरानी की जाती है। आधुनिक हथियारों से लैस गार्ड जेल के भीतर और इसके आसपास के इलाके में तैनात रहते हैं।