सिरसा। सरकारी स्कूलों के खस्ता हालात पर उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिला शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की है। उपायुक्त के आदेशों के बाद खंड स्तर पर शिक्षा अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को भेजी। उपायुक्त ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे दी है। इसके बाद अब स्कूलों के लिए सरकार की तरफ से आगामी निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि अमर उजाला की ओर से जर्जर स्कूलों की स्थिति के बारे में खबर प्रकाशित की जा रही हैं। इस पर अब संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा विभाग की ओर से खंड स्तर से मांगे गए आंकड़ों के अनुसार कुल 116 स्कूलों के 300 कमरों को जर्जर दिखाया गया है। इन जर्जर स्कूलों में कुछ स्कूलों ने अपने यहां के भवन को पूरी तरह से गिराने के लिए भी अपनी फाइल जिला स्तर पर भेजी हुई है। इन विद्यालयों की रिपोर्ट आखिरी फैसला जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से लिया जाना है।
किसी स्कूल के अंदर एक कमरा तो किसी दो या तीन कमरे जर्जर हैं। इनका प्रयोग स्कूल प्रबंधन की ओर से नहीं किया जा रहा है, जो खंड स्तर पर आई रिपोर्ट में सामने आया है। इतना ही नहीं, चुनिंदा स्कूलों के अंदर ही भवन पूरी तरह से जर्जर हैं। इन्हें गिराने की जरूरत है। हालांकि, इनमें मुख्य रूप से डबवाली एरिया के स्कूलों की संख्या ज्यादा है।
जर्जर कमरों व बरामदों में पढ़ाई न कराने के आदेश
खंड स्तर पर सभी सरकारी स्कूलों को आदेश जारी किए गए हैं कि वह अपने अपने यहां के जर्जर कमरों व बरामदों आदि में बच्चों को पढ़ाई नहीं करवाएंगे। भले ही स्कूल के बाहर पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ाना पड़े। इसी मामले में अब जिला स्तर पर भी आदेश जारी हो चुके हैं। जर्जर भवनों में किसी प्रकार की कोई कक्षा नहीं लगनी चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही रिपोर्ट भी मांग गई है कि सभी स्कूल अपनी यथास्थिति की रिपोर्ट नियमित रूप से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाते रहें।
सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की इस प्रकार है स्थिति
अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुल 194 हैं। इनमें से 11 स्कूलों ने अपने यहां के जर्जर कमरों की रिपोर्ट दी है, जो कुल 65 के आसपास है। छह स्कूलों ने अपने यहां के जर्जर भवनों को गिराने के लिए फाइल या आवेदन भेजा हुआ है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालयों की सूची जारी कि गई है जिनके 200 के आसपास कमरे जर्जर हैं।
-स्कूलों के जर्जर कमरों आदि की रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त को सौंप दी गई है। विभाग के स्तर पर सुरक्षा की दृष्टि से आदेश जारी किए गए हैं कि जर्जर भवनों व गलियारों में कोई क्लास नहीं लगाई जाए। यदि ऐसा पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- विनोद कुमार, डिप्टी डीईओ, सिरसा।