सिरसा। सिरसा जेल में जेल वार्डन सुखदेव सिंह के सुसाइड मामले में जेल विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। इस मामले में जेल उप अधीक्षक वरुण गोदारा और लाइन ऑफिसर फूल कुमार पर वार्डन को परेशान करने का आरोप है।
जांच एआईजी स्तर पर की जा रही है, और संबंधित सीसीटीवी फुटेज सहित सभी आवश्यक जानकारी जिला प्रशासन से मांगी गई है। जेल अधीक्षक जसवंत सिंह के अनुसार दोनों अधिकारी घटना के समय छुट्टी पर थे।
सुखदेव के पिता दीप सिंह का कहना है कि डीएसपी राज सिंह इस मामले के जांच अधिकारी हैं, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दीप सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में गंभीर नहीं है। डीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष होगी और अपराधियों को सजा दिलाने में वे आगे रहेंगे।
दो सुसाइड नोट लिखकर खाया था जहर : सुखदेव सिंह सात साल से सिरसा जेल में वार्डन के पद पर तैनात थे। 31 दिसंबर को उनकी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट वरुण गोदारा से बहस हुई। जेल कर्मचारियों ने डायल 112 कॉल कर पुलिस बुला ली। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने सुखदेव पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया और उनका मेडिकल परीक्षण करवा दिया।
आरोप है कि 1 जनवरी की सुबह सुखदेव सिंह जेल सुपरिंटेंडेंट के पास गए और माफी मांगी। सुपरिंटेंडेंट ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट से कहा कि उन्हें माफ कर ड्यूटी पर लौटाया जाए, लेकिन उसी शाम लगभग 5 बजे सुखदेव सिंह ने बैरक में कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया।
हालत गंभीर होने पर उन्हें नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, और परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया। बाद में उन्हें डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सुखदेव के पास से दो सुसाइड नोट मिले, एक जेल महानिदेशक हरियाणा और दूसरा जेल अधीक्षक सिरसा के नाम लिखा गया था।